दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को हुए गैंगवार के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में संबंधित अधिकारियों व अथॉरिटी को दिल्ली की अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश देने की अपील की गई है। कल रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट में दिल्ली का टॉप-10 गैंगस्टर जितेंद्र मान गोगी मारा गया था।
वहीं दूसरी ओर आज सुबह से ही रोहिणी कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। रोहिणी कोर्ट के अंदर-बाहर बड़ी संख्या में न सिर्फ दिल्ली पुलिस के जवान बल्कि पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात हैं। हर आगंतुक की कड़ाई से जांच हो रही है।
सुरक्षा मुददे को लेकर 2017 में भी दायर हो चुकी है याचिका
जिला अदालतों में वकीलों व जजों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने वर्ष 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए 4 जुलाई 2017 को दिए फैसले में सुरक्षा व्यवस्था देखने व उचित उपाय करने के लिए एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में तत्कालीन हाईकोर्ट के जज संजीव सचदेव, विभू बाखरू व आईएस एस मेहता के अलावा कई वकील, आईबी के अधिकारी, आपदा प्रबंधन, आईएनए इत्यादि अधिकारियों को शामिल किया गया था। याची सुरेंद्र सिंह ने कहा इसके बावजूद अभी तक जिला अदालतों की सुरक्षा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।
वकीलों ने गहरी नाराजगी जताई, आज सभी जिला अदालतों में एक दिन की हड़ताल
रोहिणी अदालत में हुई गैंगवार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर वकीलों ने गहरी नाराजगी जताते हुए शनिवार को सभी जिला अदालतों में एक दिन की हड़ताल कर दी। वकीलों ने कहा कि बार-बार कोर्ट परिसर में सुरक्षा का मुद्दा उठाए जाने के बावजूद इस दिशा में कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।
रोहिणी कोर्ट रूम में हुई गोलीबारी पर नाराजगी जताते हुए ऑल बार एसोसिएशन समन्वय समिति के प्रवक्ता एवं दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नसियार ने कहा कि हमने जिला अदालतों के विकेंद्रीकरण के समय भी सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया था और हाईकोर्ट ने आश्वासन दिया था कि सभी अदालतों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
उन्होंने कहा यह हैरानी की बात है कि कोर्ट के मुख्य गेट पर पुलिसकर्मी जांच करते हैं, इसके बावजूद आरोपी कैसे हथियार लेकर कोर्ट रूम में पहुंच गए। यह एक सुनियोजित षड्यंत्र का मामला लगता है और तुंरत पुलिसकर्मियों ने कैसे आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया। कहीं न कहीं इसमें मिलीभगत नजर आ रही है और हम इस मामले की न्यायिक जांच की मांग करेंगे। यह अदालत परिसर में वकीलों व जजों की सुरक्षा का अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा वकीलों ने रोष व्यक्त करने के लिए शनिवार को हड़ताल रखने का निर्णय किया है।