दिल्ली सरकार जेएनयू मामले में तीन टीवी चैनलों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए सीधे कोर्ट में शिकायत करेगी। सोमवार को सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी और जेडीयू नेता केसी त्यागी ने दिल्ली सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद सरकार ने ये फैसला लिया है।
मालूम हो कि दिल्ली सरकार की ओर से कराई गई डीएम की जांच में यह बात सामने आई है कि जेएनयू मामले में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार का जो वीडियो चैनलों पर चलाया गया था उसमें छेड़छाड़ की गई थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार की लीगल टीम को तीनों चैनलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के आदेश दे दिए हैं जिनका जिक्र नई दिल्ली के डीएम संजय कुमार ने अपनी रिपोर्ट में किया है। उनका कहना है कि सीआरपीसी की धारा-200 में निचली अदालत में सरकार शिकायत देगी। इसमें प्रावधान है कि शिकायत मिलने पर मजिस्ट्रेट संज्ञान ले सकते हैं।
सीताराम येचुरी और केसी त्यागी ने केजरीवाल से मुलाकात की
जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय
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इससे पहले सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी और जेडीयू नेता केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बताया कि जेएनयू मामले में छेड़छाड़ वाला टेप चलाने वाले चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मजिस्ट्रेट जांच में 7 वीडियो जांच के लिए भेजी गई थी जिसमें तीन में छेड़छाड़ पाई गई थी इसमें एक समाचार चैनल की क्लिप भी थी। इसके अलावा दो अन्य वीडियो में भी संपादित करके उसमें आवाज डाली गई थी।
उल्लेखनीय है कि डीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर लगे आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला। कन्हैया कुमार को फिलहाल जमानत पर हैं जबकि दो अन्य छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं। डीएम की रिपोर्ट में कहा गया है कि जेएनयू कैंपस में देशी विरोधी नारे लगे जिसमें से प्रशासन ने कुछ चेहरों की पहचान भी की है।
भ्रांति फैलाने वाले तीन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई
जेएनयू
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सीताराम येचुरी के अनुसार अनुसार हमने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद किया है। डीएम की जांच में सामने आए तथ्यों के हिसाब से कार्रवाई की मांग रखी है।
उन्होंने आश्वासन दिया है कि छेड़छाड़ वाला वीडियो चलाकर भ्रांति फैलाने वाले तीन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं केसी त्यागी ने कहा है कि जिस तरह से रिपोर्ट में चीजें सामने आ रही हैं, उससे लगता है कि जेएनयू प्रकरण का पूरा मामला भाजपा प्रायोजित था।
जो नारे लगा रहे थे, वो अभी तक पकड़ें क्यों नहीं गए। अब जो पोस्टर लगाए जा रहे हैं क्या इसके बारे में भाजपा को नहीं पता? केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।