दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को दिल्ली के अकुशल, अर्ध कुशल और अन्य श्रमिकों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी किया है। साथ ही सिसोदिया ने सभी श्रमिकों और कर्मचारियों को बढ़ी हुई दर के साथ भुगतान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि गरीब और मजदूर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए कोरोना महामारी के दौरान यह बड़ा कदम उठाया गया है। इसका लाभ लिपिक और सुपरवाइजर वर्ग के कर्मचारियों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के ऐसे श्रमिकों को महंगाई भत्ते पर रोक नहीं लगाई जा सकती है, जिन्हें सामान्यत: केवल न्यूनतम मजदूरी मिलती है। इसलिए दिल्ली सरकार ने महंगाई भत्ते जोड़कर नया न्यूनतम वेतन की घोषणा की है। यह दरें एक अक्तूबर 2020 से लागू होंगी।
महंगाई भत्ते के तहत अकुशल मजदूरों के लिए मासिक 15,492 दैनिक (596), अर्ध कुशल श्रमिकों के लिए मासिक 17,070 दैनिक (657), कुशल श्रमिकों के लिए मासिक 18,797 दैनिक (723) तय की गई है। इसके अलावा सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी की दर बढ़ाई गई है। इनमें बिना मैट्रिक को मासिक 17069 दैनिक (657) , मैट्रिक से गैर स्नातक को मासिक 18,797 दैनिक (723) तथा स्नातक और इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले को मासिक 20,430 यानी दैनिक (786) रुपये मिलेंगे।
सिसोदिया ने कहा कि औसत अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या के समायोजन के बाद ही श्रम विभाग द्वारा महंगाई भत्ता निर्धारित किया जाता है। इसे प्रत्येक दो बार अप्रैल और अक्तूबर में संशोधित किया जाता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक मंदी की वजह से इस वर्ष अप्रैल में मंहगाई भत्ते को संशोधित नहीं किया जा सका, लेकिन इसके बाद महंगाई बढ़ने के कारण दिल्ली सरकार ने गरीबों, मजदूरों और कर्मचारियों के हित में ही कदम लिया है।