उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पत्र लिखकर दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया था। वहीं, अब आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने पलटवार किया है। दिल्ली सरकार का आरोप है कि षड्यंत्र के तहत सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी बनाई जा रही है।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से दिल्ली के अस्पतालों में अनियमितता को लेकर दिल्ली सरकार ने पलटवार किया है। दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल षड्यंत्र के तहत दिल्ली के अस्पतालों में दवाओं समेत अन्य जरूरी सामग्री की कमी बता रहे हैं। सरकार ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा की अनदेखी को लेकर अफसरों पर उपराज्यपाल कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं, बल्कि वह अस्पतालों में दवाओं की कमी के लिए उनका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वह गरीबों की दवाई और इलाज पर राजनीति करना चाहते हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ जांच शुरू करने के बारे में एक भी शब्द नहीं बोल रहे हैं। भारद्वाज के मुताबिक, उपराज्यपाल के संज्ञान में लाया कि केवल वह या गृह मंत्रालय ही मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ जांच शुरू कर सकते हैं। एनसीसीएसए का हिस्सा होने के कारण मुख्य सचिव खुद से जुड़े मामलों में स्वयं फैसला नहीं कर सकते। मंत्री ने उपराज्यपाल से अपील की कि मंत्री के साथ वो दिल्ली सरकार के कुछ अस्पतालों का निरीक्षण करें।