राजधानी में लगातार बारिश होने के कारण ग्रामीण इलाके में बाढ़ जैसे हालत हो गए है। इस कारण कई गांवों के किसानों की खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई और कमल के फूल खिलने शुरू हो गए है। लिहाजा खेतों में अत्याधिक पानी भरने के कारण किसानों के समक्ष अगली फसल की बुवाई करने का भी संकट पैदा हो गया है, क्योंकि खेतों में जमा पानी निकालने का कोई रास्ता नहीं है। इलाके की समस्त ड्रेन ओवरफ्लो हो गई है। हालांकि किसानों ने खेतों को फसल की बुवाई के लिए तैयार रखने के मद्देनजर कमल की बेल उखाड़नी शुरू कर दी है।
ज्वार, बाजरा की फसल नष्ट हो गई
राजधानी में लगातार बारिश होने के कारण समयपुर, उजवा, दरियापुर खुर्द, मलिकपुर, झुलझुली, सारंगपुर, रावता, गालिबपुर, दौराला, घुमनहेड़ा, हसनपुर, रानी खेड़ा, रसूलपुर, घेवरा, मदनपुर, सवादा, हिरण कूदना, नीलवाल, दिचाऊंकलां, झाड़ौदा कलां, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, ईसापुर, कंझावला, लाडपुर, जोंती, टटेसर, कुतुबगढ़, कटेवड़ा, मुंगेशपुर, औचंदी, हरेवली, दरियापुर कलां आदि गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए है। इन गांवों के खेतों में अत्याधिक पानी जमा होने से ज्वार, बाजरा की फसल नष्ट हो गई है।
इस साल फसलों की बुवाई करना मुश्किल
इसी तरह घीया, तौरी, गोभी जैसी सब्जी की फसल भी खराब हो गई है, वहीं धान की भी फसल नष्ट होने लग रही है।मदनपुर गांव के किसान जगजीत सिंह के अनुसार खेतों में पानी जमा होने के कारण वर्तमान मौसम की तमाम फसल बर्बाद हो गई है, वहीं गाजर, मूली, मटर आदि फसल लगाने का संकट पैदा हो गया है, क्योंकि इन फसलों की बुवाई का समय बहुत ही नजदीक आ गया है, लेकिन खेतों में पानी जमा होने के कारण इस साल इन फसलों की बुवाई करना मुश्किल है। इसके अलावा सरसों व गेंहू के साथ-साथ पशुओं के लिए बरसम व जई की भी बुवाई करना असंभव हो गया है।
गांवों में दो माह से बारिश का पानी भरा हुआ
उधर नजफगढ़ इलाके के समयपुर, उजवा, दरियापुर खुर्द, मलिकपुर, झुलझुली, सारंगपुर, रावता, गालिबपुर, दौराला, घुमनहेड़ा, हसनपुर आदि गांव में फसल नष्ट होने के बाद कमल की बेल उग गई है और आजकल इन गांवों के खेतों में कमल के फूल खिले हुए है, मगर किसानों के चेहरे मुरझाए हुए है। दरअसल इन गांवों में दो माह से बारिश का पानी भरा हुआ है। झुलझुली निवासी दीपक यादव कहते है कि खेतों में कमल की बेल उगने के कारण भविष्य में फसलों की बुवाई करने में दिक्कत आ सकती है। इस कारण किसानों ने कमल की बेल उखाड़नी शुरू कर दी है।
किसानों की गोभी की फसल नष्ट हो गई
दरियापुर के किसान अभिषेक के अनुसार उनके गांव एवं आसपास के आधा दर्जन गांवों में धान की फसल पानी में डूबी हुई है और इन खेतों में डूबी फसल नष्ट हो गई है। वहीं औचंदी गांव के किसान धर्मपाल बताते है कि खेतों में पानी जमा होने के कारण ज्वार व बाजरा की फसल बर्बाद हो गई है, जबकि दिचाऊं कलां के किसान प्रदीप शौकीन के अनुसार खेतों में बाढ़ जैसे हालात होने पर उनके गांव के साथ-साथ आसपास के चार-पांच गांव के किसानों की गोभी की फसल नष्ट हो गई है। इसी तरह तमाम गांवों में घीया व तौरी की फसल भी खराब हो गई है।