राजधानी में कोरोना के सभी मानक नियंत्रण में हैं। रिकवरी दर भी लगातार बढ़ रही है। अब 98 फीसदी से ज्यादा लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली के हालात काफी बेहतर हैं और लंबे समय से स्थिरता बनी हई है। हालांकि, तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली में पिछले करीब एक महीने से रिकवरी दर बढ़ रही है और संक्रमण दर कम हो रही है। संक्रमितों की तुलना में अधिक मरीज भी स्वस्थ हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले एक महीने में 1595 संक्रमण के मामले आए हैं और 1795 स्वस्थ हुए। लिहाजा, संक्रमितों की तुलना में अधिक मरीज स्वस्थ हुए। इस समय कुल मरीजों की संख्या 14,36,695 है। इनमें से 14,11064 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इससे रिकवरी दर 98.5 फीसदी हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। दिल्ली में सक्रिय मरीज भी 565 रह गए हैं।
जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर आरएस रौतेला बताते हैं कि लंबे लॉकडाउन और कोरोना से बचाव के नियमों के पालन से कोरोना से हालात नियंत्रण में आ गए हैं। वायरस का प्रसार तो अब थम गया है, लेकिन तीसरी लहर का खतरा भी है। इसलिए जरूरी है कि लोग नियमों का पालन करें। क्योंकि, वायरस के बदलने पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन उससे बचाव करना लोगों के हाथ में हैं। अब लापरवाही बरती तो परिणाम घातक हो सकते हैं।
15 दिन से संक्रमण दर 0.20 फीसदी से कम
दिल्ली में रिकवरी दर बढ़ रही है और संक्रमण दर लगातार कम हो रही है। पिछले 15 दिनों से संक्रमण दर 0.20 फीसदी से कम बनी हुई है। शनिवार को यह दर 0.10 प्रतिशत थी।