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Delhi: भाजपा ने लगाया आरोप- दिल्ली सरकार बिजली के रेट को दे रही बढ़ावा

Mon, 11 Jul 2022 10:47 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि अब पावर परचेज एडजस्टमेंट के नाम से बिजली के बिलों में 4 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। बिजली की उचित समय पर खरीद की जिम्मेदारी कंपनियों की है।
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नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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भाजपा ने दिल्ली सरकार पर बिजली के रेट बढ़ाने का आरोप मढ़ा है। कहा है कि पिछले दरवाजे से सरकार बिजली रेट बढ़ा रही है। एक तरफ दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी योजना पर शर्तें लगा दी हैं और दूसरी तरफ अब पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) के नाम पर बिजली के रेट बढ़ा दिए हैं। मांग की है कि बिजली के रेट में बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए।

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विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि अब पावर परचेज एडजस्टमेंट के नाम से बिजली के बिलों में 4 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। बिजली की उचित समय पर खरीद की जिम्मेदारी कंपनियों की है। अगर कंपनियां इस जिम्मेदारी को पूरा नहीं करतीं तो फिर जनता से इसकी वसूली कैसे की जा सकती है? सर्दियों में बिजली कम दरों पर खरीदी जाती है, अगर इसी सिद्धांत का पालन किया जाए तो उस समय बिजली सस्ती की जानी चाहिए। बिधूड़ी ने कहा कि सरकार इस मामले में मूक दर्शक बनी हुई है जिसका मतलब है कि बिजली के ज्यादा रेट सरकार की सहमति से लिए जा रहे हैं।

बिधूड़ी ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार पूरी दुनिया में यह प्रचार करती है कि दिल्ली में बिजली के रेट नहीं बढ़े जबकि सच्चाई यह है कि पिछले दरवाजे से दिल्ली के उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ डाला जा रहा है। दिल्ली में फिक्स्ड चार्ज पूरे देश के मुकाबले सबसे अधिक हैं। कर्मचारियों की पेंशन के नाम पर दिल्ली की जनता से वसूली की जा रही है जबकि पेंशन की देनदारी सरकार की है ना कि उपभोक्ता।
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उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों को जो मुफ्त बिजली दी जाती है, उसकी भरपाई भी जनता की जेब से की जाती है। दिल्ली के घरेलू उपभोक्ताओं को करीब आठ रुपए प्रति यूनिट और कमर्शियल उपभोक्ताओं को करीब 14 रुपए प्रति यूनिट तक का भुगतान करना पड़ता है जोकि पिछले सात सालों में ही बढ़ाया गया है।

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