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दिल्ली एम्स: ऑपरेशन थियेटर बंद करने वालों के खिलाफ जांच करेगा प्रशासन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिया संज्ञान

Mon, 25 Apr 2022 03:12 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुख्य ऑपरेशन थियेटर बंद होने से अलग अलग विभागों के ऑपरेशन टालने पड़े। इसी दौरान आसपास छोटे ओटी भी बंद हुए जिसका असर मरीजों पर पड़ा। ऑपरेशन टलने की वजह से कई मरीज बेहोशी की हालत में भी थे क्योंकि इन्हें तब तक एनेस्थिसिया दिया जा चुका था। 
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एम्स दिल्ली - फोटो : फाइल
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विस्तार
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एम्स के मुख्य ऑपरेशन थियेटर बंद होने और इसकी वजह से 80 मरीजों की सर्जरी टलने के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि मंत्रालय के अधिकारियों ने एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया से घटना के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मौखिक तौर पर ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उधर रविवार को अवकाश के दिन भी इस घटना को लेकर एम्स प्रबंधन की बैठक चलती रही। प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को एक और बैठक होगी जिसमें ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी न करने और हड़ताल करने वाले चार नर्सिंग कर्मचारियों को बुलाया गया है। बैठक में इन कर्मचारियों का पक्ष सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि एम्स प्रबंधन इस घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सकता है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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दरअसल बीते शुक्रवार को एम्स के मुख्य ऑपरेशन थियेटर में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों ने सुबह नौ बजे ड्यूटी न करने की घोषणा की। थोड़ी ही देर में यह सूचना संबंधित अधिकारियों को भी पहुंची लेकिन उनके समझाने के बाद भी कर्मचारी वापस नहीं आए। इसी दौरान नर्सिंग यूनियन के नेता वहां पहुंचे और ऑपरेशन थियेटर को बंद कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यूनियन अध्यक्ष एक रेजिडेंट डॉक्टर से काफी अभद्र व्यवहार भी करते दिखाई दे हे हैं जिसे लेकर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि अगर यूनियन अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे हड़ताल पर चले जाएंगें। इस घटना को लेकर बीते शनिवार एम्स ने चार कर्मचारियों को नोटिस देते हुए सोमवार को प्रबंधन के सामने हाजिर होने का आदेश भी दिया। 

मुख्य ऑपरेशन थियेटर बंद होने से अलग अलग विभागों के ऑपरेशन टालने पड़े। इसी दौरान आसपास छोटे ओटी भी बंद हुए जिसका असर मरीजों पर पड़ा। ऑपरेशन टलने की वजह से कई मरीज बेहोशी की हालत में भी थे क्योंकि इन्हें तब तक एनेस्थिसिया दिया जा चुका था। 
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महिला सुरक्षा के लिए किया ऐसा
नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष हरीश काजला ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा महिला सुरक्षा के लिए किया था। वे बताते हैं कि बीते 13 महीने से ड्यूटी रोस्टर को लेकर कर्मचारी शिकायत कर रहे हैं। देर रात तक ऑपरेशन होने की वजह से महिलाओं को घर जाने में देरी होती है। इसकी वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता होती है। निर्भया घटना के बाद से महिलाओं को शाम सात बजे तक कार्यस्थल से छुट्टी मिल जाती है। शुक्रवार को जब हड़ताल हुई तो शनिवार सुबह चिकित्सा अधीक्षक ने उन्हें समाधान का दिलासा दिया लेकिन अब अचानक से इस मामले को बड़ा रुप दिया जा रहा है। 

दिल्ली पुलिस के पास शिकायत, एफआईआर दर्ज नहीं
दिल्ली पुलिस के हौजखास थाने में एम्स के सुरक्षा विभाग की ओर से शिकायत दी गई है कि नर्सिंग यूनियन के नेता और कुछ कर्मचारियों की वजह से मरीजों की जान पर बन आई। इनकी वजह से मरीजों के ऑपरेशन रोकने पड़े। कई मरीजों की हालत भी बिगड़ी। चूंकि एम्स प्रोटोकॉल के अनुसार यह आपराधिक मामला है। हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि शिकायत उन्हें मिल गई है लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। 

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