लड़की ने बताया कि उसकी शादी फरवरी 2022 में 15 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुई थी। वह गर्भवती हो गई और उसके ससुराल वालों ने गर्भपात कराने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। उसने आरोप लगाया है कि उसका पति और ससुराल वाले अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे।
दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने एक समुदाय की लड़की के बाल विवाह और प्रताड़ना के मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मामले में एफआईआर की कॉपी के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी का विवरण मांगा है।
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आयोग ने पुलिस को 22 दिसंबर तक कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है। दिल्ली की मूल निवासी लड़की ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई है।
लड़की ने बताया कि उसकी शादी फरवरी 2022 में 15 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुई थी। वह गर्भवती हो गई और उसके ससुराल वालों ने गर्भपात कराने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। उसने आरोप लगाया है कि उसका पति और ससुराल वाले अक्सर उसके साथ मारपीट करते थे। अब उन्होंने उसे घर से निकाल दिया है।
आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि लड़की का समुदाय 15 साल से ऊपर की लड़कियों की शादी की अनुमति देता है, मगर उनका मानना है कि यह पुरातन, मध्ययुगीन और बर्बर है और ऐसे मामलों में पॉक्सो लागू होना चाहिए।