पेट्रोल-डीजल, सीएनजी की बढ़ी हुई दरें अब दिल्ली-एनसीआर के नौकरीपेशा मुसाफिरों को परेशान करने लगी हैं। कोविड के पहले लोकल ट्रेनों की भरमार होने से इनका सफर आसान रहता था। ट्रेन की यात्रा भी इनके लिए सस्ती पड़ती थी। लेकिन कोविड के बाद और इन दिनों ट्रैफिक ब्लॉक की वजह से कई लोकल ट्रेन इस वक्त पटरी पर नहीं हैं। लिहाजा दैनिक यात्रियों को जो सफर पहले 10 से 35 रुपये में लोकल ट्रेन से तय हो जाता था, ऑटो-टैक्सी से अब उनको इसके लिए दो सौ रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। परेशानी गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत दिल्ली के नजीदकी शहरों में रहने वालों को ज्यादा है, जो काम दिल्ली में करते हैं और रिहायश जिनकी संबंधित शहरों में है। समस्या उनको भी है, जिनका क्रम उलटा है, नौकरी जिनकी एनसीआर में और नौकरी एनसीआर के शहरों में है।
| दूरी किमी में | यात्री ट्रेन का बेसिक किराया | स्पेशल मेल/एक्सप्रेस का बेसिक किराया |
| 25 | 10 रुपया | 30 रुपया |
| 50 | 15 रुपया | 30 रुपया |
| 75 | 20 रुपया | 43 रुपया |
| 100 | 25 रुपया | 49 रुपया |
| 125 | 30 रुपया | 58 रुपया |
| 150 | 35 रुपया | 64 रुपया |