पासपोर्ट व सैलरी अकाउंट के लिए जमा करवाए रुपये
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पिछले दिनों उनकी टीम को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पर एक शिकायत मिली थी। सिविल लाइंस निवासी अर्जुन सिंह राणा ने बताया कि पिछले दिनों उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम सौरव बताया और बताया कि उसका बायोडाटा नौकरी के लिए शार्टलिस्ट किया गया है। उसे निजी एयरलाइंस में कप्यूटर ऑपरेटर के लिए इंटरव्यू देना है। इसके बाद आरोपी ने एचआर मैनेजर बनाकर किसी से उसका फोन पर ही इंटरव्यू करवाया। इसके बाद अर्जुन से बताया गया कि वह चयनित हो गया है। अब उसे वर्दी, सैलरी अकाउंट चालू करवाने, पासपोर्ट के लिए करीब 14225 रुपये एक बैंक अकाउंट में जमा करवाने होंगे। अर्जुन उनके संपर्क में आ गया और रकम जमा करवा दी। इसके बाद आरोपियों ने अपना फोन बंद कर लिया। पीड़ित ने मामले की शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू की।
ठग नोएडा में बैठकर लोगों को बना रहे थे शिकार
एसआई रंजीत चौधरी, रोहित सारसवत व अन्यों की टीम ने छानबीन शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पता चला कि आरोपी नोएडा में कहीं बैठकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। काफी पड़ताल के बाद उनकी लोकेशन नोएडा के छलेरा गांव में पता चली। शुक्रवार को टीम ने छापेमारी कर पांचों आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किया जाने वाला सामान बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से यहीं किराए के मकान में रहकर ठगी कर रहे हैं। पुलिस इनके बाकी साथियों की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि यह लोग देशभर के 500 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
गैंग लीडर मामा पहले खुद इसी तरह हुआ था ठगी का शिकार
पुलिस की पूछताछ में गैंग लीडर दीपक उर्फ मामा ने बताया कि वह काफी समय पहले नौकरी की तलाश में नौकरी आए थे। यहां आने के बाद मामा के साथ ठीक इसी तरह ठगी हो गई। तब उसने भी ठगी करने की ठान ली। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ठगी की योजना बनाई। सबसे पहले इन लोगों ने एक वेबसाइट से बेरोजगारों का डाटा लिया। इसके बाद उनको कॉल कर नौकरी दिलवाने का झांसा देते। बाद में उनको फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर विश्वास जीतते। इसके बाद उनसे वर्दी, पासपोर्ट और दूसरे मदों में रुपये जमा करवाकर फोन बंद कर लिया करते थे। इनके कई बैंक अकाउंट का पता चला है। पुलिस इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।