जारचा कोतवाली क्षेत्र के गांव सीधीपुर में शनिवार रात बड़ा हादसा होने से टल गया। 11 हजार केवीए बिजली लाइन के 7 खंभे जर्जर हाल में होने के चलते टूट कर गिर गए। खंभे गिरने से तारों की चिंगारी से ग्रामीण दहशत में आ गए। दहशत के चलते ग्रामीण घरों से बाहर आ गए। 24 घंटे बीत जाने के बावजूद विभाग ने खंभे लगवाने की सुध नहीं ली। गांव में रात भर अंधेरे में रहा और लोग दहशत में रहे। ग्रामीणों ने रात में ही अफसरों को फोन मिलाया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। ऐसे में बिजली के टूटे तारों में करंट दौड़ता रहा।
सीधीपुर में गाजियाबाद के मसूरी बिजलीघर से बिजली आपूर्ति के लिए लाइन आ रही है। लाइन को करीब 40 साल पहले बिछाया गया था। बिजली लाइन जर्जर होने और आए दिन तार टूटने पर बिजली विभाग के अधिकारियों से ग्रामीण समय- समय पर शिकायत करते रहे। शनिवार रात में गांव के पास 11 हजार केवीए बिजली लाइन के 7 पोल टूट गए।
बिजली के तार सड़क के पास जमीन पर गिरने से बिजली की चिंगारी उठने शुरू हो गई। ग्रामीणों ने जब बिजलीघर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन नहीं लगा। उसके बाद ग्रामीणों ने फोन कर देर रात में गांव आने वाले लोगों को गांव के मुख्य मार्ग से आने से रोक दिया, जिससे कोई जनहानि न हो सके।
शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
कई बार बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से बिजली के खंभे जर्जर होने पर उनकी फाउंडेशन बनवाने तथा नए पोल लगवाने की मांग की जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांव में बिजली आपूर्ति ठप होने पर गांव अंधेरे में डूबा है। ग्रामीणों का दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
- राजीव कुमार, ग्राम प्रधान
मसूरी बिजलीघर से होती है लाइन की मरम्मत
सीधीपुर गांव के लिए मसूरी बिजलीघर से लाइन आई हुई है। वहीं से मरम्मत का कार्य होता है। दूसरे जनपद का क्षेत्र होने के चलते यहां से मरम्मत नहीं हो पाई है।
- अमित कुमार, एसडीओ दादरी