प्रधानमंत्री के नोएडा आने पर क्षेत्र के किसान काले झंडे दिखाकर उनका विरोध करेंगे। रबूपुरा में रविवार को आयोजित कई संगठनों की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। जिले की सीमा से लेकर अलग-अलग जगह पर किसान विरोध जताएंगे।
किसान नेता ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने कहा कि ई-रिक्शे बांटना अच्छा कार्य है, लेकिन जरूरी ये भी है कि प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में पानी की कमी से प्यासे मर रहे लोगों की सुध लेते। किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए ठोस कदम उठाते। भट्टा पारसौल से शुरू हुई अधिकारों की लड़ाई के बाद बने भूमि अधिग्रहण कानून-2013 की सबसे पहली खिलाफत नरेंद्र मोदी ने ही की थी।
चुनावी घोषणा पत्र में फसल उत्पादन लागत का दोगुना मूल्य दिलवाने का वादा किया गया था, लेकिन हुआ नहीं। अब पीएम किस मुंह से उस जिले में आ रहे हैं, जहां किसानों पर गोलियां चलाई गई थीं। किसानों ने तय किया है कि मोदी के नोएडा आगमन का पुरजोर विरोध किया जाएगा और सीमा में प्रवेश करते ही काले झंडे दिखाए जाएंगे।