भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हमले के मामले में यूपी पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों का नाम अभिषेक और गौरव है।
इससे पहले सूत्रों के हवाले से ये बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी मनीष ने गांव के ही एक युवक द्वारा किए गए कटाक्ष के चलते तेवतिया की हत्या की योजना बनाई थी।
एसटीएफ के सूत्रों की मानें तो मनीष ने इस योजना को बनाने के दौरान ही प्लाट भी बेचा था। एसटीएफ लगातार नोएडा कनेक्शन को लेकर भी जांच पड़ताल कर रही है।
दरअसल, ब्रजपाल तेवतिया और उनके गांव के सुरेश दीवान दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल थे। वर्ष 1999 में सुरेश दीवान की हत्या हो गई थी। इसमें उनके परिजनों की ओर से ब्रजपाल तेवतिया को भी नामजद कराया गया था।
मगर इस हत्याकांड में तेवतिया का नाम निकल गया था। सुरेश दीवान का परिवार तेवतिया को भी आरोपी मानता था। हालांकि, तेवतिया ने अपने आप को बेकसूर साबित कर दिया था, लेकिन सुरेश दीवान के परिजन रंजिश रखने लगे। पर इसे कभी दिखाया नहीं था।
एसटीएफ के सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों सुरेश दीवान के बेटे मनीष का गांव में एक युवक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसमें मनीष ने युवक को देख लेने की धमकी दी थी।
तब युवक ने मनीष को ताना दिया था कि वह अपने पिता की हत्या का बदला तो ले नहीं पाया, उसका क्या बिगाड़ लेगा। सूत्र बताते हैं कि मनीष के दिमाग में यह बात उसी दिन चुभ गई और उसने तेवतिया से बदला लेने की ठान ली।