दिल्ली के कंझावला में अस्पताल कर्मी की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने दो नाबालिग समेत चार बदमाशों को पकड़ा है। बदमाशों ने खुलासा किया है कि मृतक ने जेल में बंद गैंगस्टर के एक सहयोगी के घर के बाहर डर पैदा करने के लिए गोलियां चलवाई थीं। जिसका बदला लेने के लिए जेल में बंद गैंगस्टर और उसके सहयोगी ने उसकी हत्या करवाई। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से एक पिस्टल, लूटी गई बाइक और स्कूटी बरामद की है।
जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि गिरफ्तार दो आरोपियों की पहचान लाडपुर निवासी अमन डबास और राहुल के रूप में हुई। जबकि पकड़े गए दो नाबालिग की उम्र 17 साल है। चारों बदमाश जेल में बंद गैंगस्टर मोहित चिचड़ के गैंग के सदस्य हैं। 30 अगस्त को पुलिस को लाडपुर गांव में एक युवक को गोली मारे जाने की सूचना मिली।
पुलिस ने घायल युवक को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी पहचान सागर के रूप में हुई। वह सफदरजंग अस्पताल में काम करता था। पीड़ित ने अपने बयान में बताया कि स्कूटी और बाइक पर सवार चार युवकों ने उसे गोली मारी है। उसे तीन गोली लगी थी। पुलिस ने हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया लेकिन 5 सितंबर को सागर की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हत्या की धारा जोड़कर जांच शुरू की।
थाना प्रभारी जरनैल सिंह के नेतृत्व में टीम ने आस पास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। जिसके जरिए दो हमलावर अमन और राहुल की पहचान हुई। जांच में पता चली कि दोनों हमलावर घटना से पहले तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर मोहित चिचड़ और मोहित उर्फ गोली से लगातार मोबाइल पर बात कर रहे थे। 1 सितंबर को पुलिस ने अमन और राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके निशानदेही पर 5 सितंबर को दो नाबालिग को हरियाणा से पकड़ लिया।
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि 28 अगस्त को मोहित उर्फ गोलू के घर के बाहर गोली चली थी। हमलावरों का मकसद मोहित के परिवार में डर पैदा करना था। मोहित को पता चला कि गोली सागर ने मोनू के साथ मिलकर चलवाई थी। इस बात का पता लगने के बाद जेल में बंद मोहित चिचड़ और मोहित उर्फ गोलू ने सागर की हत्या की साजिश रची।