कमेटी ने कहा कि हत्या के आरोपियों को कुछ शर्तों के साथ एचपीसी द्वारा अंतरिम जमानत के लिए दिशा-निर्देशों में शामिल किया गया है। महज इसलिए डकैती, लूटपाट और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों को शामिल नहीं किया जा सकता है, ऐसा नहीं है।
कोरोना महामारी के दौरान जेलों से भीड़ कम करने के लिए बनाई गई उच्चाधिकार कमेटी (एचपीसी) ने स्पष्ट किया है कि डकैती, लूटपाट और फिरौती के लिए अपहरण के मामले के आरोपियों को अंतरिम जमानत प्रदान करना उसके दिशा-निर्देशों में शामिल नहीं है।
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न्यायमूर्ति विपिन सांघी की अगुवाई वाली कमेटी ने ये स्पष्टीकरण जारी किया है क्योंकि एक हाईकोर्ट जज ने ये मुद्दा मार्गदर्शन के लिए कमेटी के समक्ष रखा था। उक्त जज ने फिरौती के लिए अपहरण, डकैती, लूटपाट के मामलों में अदालतों का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया था ताकि विरोधाभासी आदेश जारी करने से बचा जा सके।
कमेटी ने कहा कि हत्या के आरोपियों को कुछ शर्तों के साथ एचपीसी द्वारा अंतरिम जमानत के लिए दिशा-निर्देशों में शामिल किया गया है। महज इसलिए डकैती, लूटपाट और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों को शामिल नहीं किया जा सकता है, ऐसा नहीं है। इन मामलों को खास तौर से बाहर रखा गया है, कमेटी ने आठ सितंबर की अपनी बैठक में ये स्पष्ट किया है।
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एचपीसी ने कहा कि ये सर्वसम्मति से पारित और स्पष्ट किया जाता है कि उक्त अपराधों से जुड़े मामले अंतरिम जमानत पर विचार के लिए कमेटी के चार मई व 11 मई 2021 के दिशा-निर्देशों में शामिल नहीं हैं।