अदालत ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन इकट्ठा करने के आरोपी प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कथित सदस्य साहुल हमीद के खिलाफ धन शोधन के मामले में दाखिल पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान ले लिया है। अदालत ने कहा पेश दस्तावेजों व साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र मलिक ने उसके खिलाफ पेशी वारंट जारी कर उसे 29 अगस्त को पेश करने को कहा है। उसे मदुरै से गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है।
ईडी ने आरोप लगाया है कि आरोपी पहले सिंगापुर और अन्य स्थानों से वैध और गैर कानूनी चैनलों से अवैध धन इकट्ठा करने में शामिल है। उसे भारत निर्वासित कर दिया गया था। उसे एयर पोर्ट पर रोक कर धन के बारे में पूछा गया तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सका था। इस वजह से उसे गिरफ्तार किया गया है।
ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) एनके मट्टा व मोहम्मद फैजान खान ने अदालत से कहा कि आरोपी से जांच के दौरान एकत्र किए गए कुछ मुद्दों पर जवाब मांगा गया तो वह जवाब देने से बचता रहा। इससे पहले इसी अदालत ने पीएफआई के कई अधिकारियों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था। उसने कहा था कि धन का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों व हिंसा भड़काने के लिए किया गया था, जो कथित तौर पर फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई थी।