ईडी ने हाल ही में दाखिल पूरक आरोप पत्र में तीन व्यक्ति राघव मगुंटा, राजेश जोशी व गौतम मल्होत्रा के अलावा उनसे जुड़ी पांच कंपनियों को आरोपी बनाया है। इसमें भी पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम नहीं है। इस दौरान विशेष लोक अभियोजक नवीन मट्टा ने अदालत को सूचित किया कि सीआईआर (एफआईआर का ईडी संस्करण) में नामित अभियुक्तों और विभिन्न आरोपों में अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
ईडी ने लगभग दो हजार पन्नों के अपने आरोपपत्र में गवाहों और आरोपितों के बयान के साथ-साथ ई-मेल और अन्य डाटा को भी शामिल किया है। धन शोधन मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका 18 अप्रैल को सुनवाई होनी है। वहीं सीबीआइ मामले में विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सिसोदिया को 26 फरवरी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया और ईडी के साथ ही सीबीआई के मामले में मनीष सिसोदिया फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं।