एनआईटी वन स्थित सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर के पदाधिकारियों ने एसडीएम पर पक्षपातपूर्ण निर्णय लेने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। साथ ही कमेटी का गठन कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मंदिर सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा है कि नगराधीश के प्रशासक नियुक्त करने के बाद जब वह चार्ज लेने मंदिर पहुंचे तो उनके साथ एसडीएम महाबीर प्रसाद भी आए थे।
उन्होंने प्रार्थी को प्रधान पद छोड़ने की धमकी दी थी। भाटिया का आरोप है कि एसडीएम ने उन पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी थी। उनका यह भी आरोप है कि एसडीएम का जोगिंद्र चावला नामक व्यक्ति से संबंध है।
उन्हीं के इशारे पर एसडीएम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चार्ज और कागजात वापस न करने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी थी, जबकि सोसाइटी एक्ट के तहत कम से कम दो हफ्ते का समय कागजात व चार्ज को वापस करने में दिया जाता है।
उन्होंने इस मामले की जांच कमेटी गठित कर कराने की मांग की है। उधर, एसडीएम महाबीर प्रसाद ने आरोप को बेबुनियाद बताया और कहा कि इस मामले में किसी को धमकाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।