यह सभी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों ने इनका सहयोग किया। प्रदर्शन के दौरान महिला बस मार्शल को मारा गया। भाजपा के नेता ने मुकदमे करवाए। लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इन सभी के संघर्षों के कारण दिल्ली सरकार इन्हें दोबारा से बहाली दिलावा पाई। केंद्र सरकार को बस मार्शलों के संघर्ष के आगे झुकना पड़ा है।
मंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र की जीत हुई है और लोकतंत्र की ताकत के सामने केंद्र सरकार को हारना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अब यह कर्मचारी प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए, खुले में कूड़ा जलाने को रोकने के लिए, इमारतों के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए, कूड़े के पहाड़ों में जानबूझकर आग लगाने की शरारतों की निगरानी सहित अन्य कार्य में मदद करेंगे। इन्हें अगले 4 महीने के लिए इन्हें नियुक्त किया जाएगा। इसी दौरान यह कोशिश भी की जाएगी कि इन सभी सिविल डिफेंस वालंटियर को बस मार्शल की तरह फिर से बहाल किया जाए।
केजरीवाल ने निभाया वादा
सीएम ने सोशल मीडिया पर मार्शलों के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की। साथ ही लिखा कि केजरीवाल ने एक बार फिर अपना वादा निभाया है, भाजपा ने जिन बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को नौकरी से निकाला था, दिल्ली सरकार उन्हें दोबारा बहाल कर रही है। आने वाले 4 महीनों में उन्हें प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कामों में लगाया जाएगा। सभी बस मार्शल्स को बधाई। उनसे यह भी वादा है कि 4 महीने के बाद भी उनको स्थायी तौर पर रोजगार देने का रास्ता निकाला जायेगा।