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मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी: दो सगे भाइयों समेत पांच जालसाज गिरफ्तार, ऐसे हुआ गैंग का पर्दाफाश

Mon, 12 Sep 2022 10:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि हितेष ने नेशनल क्राइम पोर्टल पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की। जांच के बाद मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में रोहिणी साइबर सेल ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 5 क्रेडिट व डेबिट कार्ड, 17 मोबाइल फोन, 24 सिमकार्ड व एक लैपटॉप बरामद किया है। आरोपी दो साल से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे और छह माह में ठिकाना बदल देते थे। 
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आरोपियों की पहचान चांद नगर निवासी पंकज बरेजा, गगन बरेजा, सब्जी मंडी निवासी श्रेय रस्तोगी, बुराड़ी निवासी निशांत और जयपुर राजस्थान निवासी वरुण गौतम के रूप में हुई है। पंकज और गगन सगे भाई हैं। रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि हितेष ने नेशनल क्राइम पोर्टल पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की। 

शिकायत पर रोहिणी साइबर सेल थाना पुलिस ने पीड़ित का बयान लिया। उसने बताया कि एक जून को उनके पास एक मैसेज आया। इसमें लोन देने की बात लिखी गई थी। उसे रुपयों की जरूरत थी। ऐसे में उसने दिए मोबाइल नंबर पर फोन किया।     फोन पर बात करने वाली महिला ने बताया कि वह लोन विभाग से    बोल रही है।
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उसने चार फीसदी ब्याज दर पर पांच लाख का लोन देने की बात कही। इसके बाद महिला ने पीड़ित को व्हाट्सएप नंबर पर दस्तावेज भेजने के लिए कहा। अगले दिन महिला ने पीड़ित से लोन के मद में 510 और 54 सौ एक बैंक खाते में जमा करने के लिए कहा। पीड़ित ने पैसे को खाते में डाल दिया। लेकिन लोन नहीं मिलने पर उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस को तकनीकी जांच में पता चला कि आरोपी मोतीनगर में मौजूद हैं। 
 
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पुलिस टीम ने छापा मारकर चार आरोपी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पंकज बरेजा ने बताया कि वह अपने भाई गगन बरेजा के साथ मिलकर लोगों को ठगता था। इस काम के लिए उसने सात महिलाओं को टेली कॉलर रखा था। वरुण गौतम लोगों के मोबाइल पर लोन दिलाने का मैसेज भेजता था। 

फिर उनसे संपर्क करते थे।  आरोपी दोनों भाई लैपटॉप पर लोन आवंटित होने का फर्जी कागजात तैयार कर लेते थे। पुलिस ने वरुण को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टेली कॉलर के तौर पर काम करने वाली महिलाओं को नोटिस भेजकर तफ्तीश में जुड़ने के लिए कहा है।
 
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