दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने राजधानी में रह रहे और भारत में स्लीपर सेल चला रहे पाकिस्तानी नागरिक के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। मोहम्मद अशरफ नामक आरोपी को पिछले साल अक्तूबर में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह लक्ष्मी नगर इलाके में पीर मौलाना के वेश में अली अहमद नूरी के नाम से रह रहा था। उसने जाली दस्तावेजों के जरिए भारतीय पहचान पत्र भी हासिल किए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के निर्देश पर काम कर रहा था। उसे त्योहारी सीजन के दौरान आतंकी हमले करने का काम सौंपा गया था। आरोपपत्र के अनुसार अशरफ 2009 और 2017 में जम्मू-कश्मीर में रहा और फिर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों के बीच आना-जाना शुरू कर दिया। आरोपपत्र में कहा गया है कि आरोपी भारत में स्लीपर सेल नोड्स के प्रमुख के रूप में काम कर रहा था, जिसने पिछले कुछ वर्षों में कई हमले और जासूसी गतिविधियों को अंजाम दिया था।
2004 में देश में घुसपैठ करने वाले अशरफ ने अपने आकाओं से मिलने के लिए विदेश भी गए और 2011 के दिल्ली हाई कोर्ट धमाकों में साजिश रची। 2009 से 2017 तक जम्मू-कश्मीर में हत्याएं भी कीं। आरोपी को पिछले साल अक्तूबर में एक एके-47 राइफल, एक हथगोला, एके-47 की दो मैगजीन के साथ 60 राउंड, 50 राउंड के साथ चीन निर्मित दो पिस्तौल, एक भारतीय पासपोर्ट और अन्य जाली भारतीय पहचान पत्र के साथ गिरफ्तार किया गया था। प्रिंट में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है। उसके बाद उस पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।