फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्ड परीक्षा के परीक्षा केंद्र बनाने के लिए नीति तय, दागदार विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र

Mon, 24 Oct 2016 02:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाने के लिए नीति तय हो गई है। दागदार रहे परीक्षा केंद्रों में इस बार परीक्षा नहीं होगी। छात्राओं का परीक्षा केंद्र 5 किमी और छात्रों का 8 किमी के दायरे में होगा।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने यूपी बोर्ड के शिक्षा निदेशक को आगामी परीक्षा 2017 के लिए परीक्षा केंद्र बनाने के निर्देश दिए हैं। पिछले साल शांतिपूर्वक परीक्षा कराने वाले केंद्रों को वरीयता दी जाएगी।

जिन विद्यालयों के छात्रों को पिछले साल परीक्षा देने के लिए जो केंद्र आवंटित किए गए थे, उन विद्यालयों को इस साल दूसरा केंद्र दिया जाएगा। बच्चों के बैठने की क्षमता और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
विज्ञापन


ज्यादा संख्या वाले वित्त विहीन विद्यालयों के छात्रों को परीक्षा के लिए सरकारी विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। विद्यालय के प्रधानाचार्य को दूसरे स्थानों पर केंद्र व्यवस्थापक बनाया जाएगा। परीक्षा के दौरान प्रधानाचार्य अपने विद्यालय में मौजूद नहीं रहेंगे।

परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों को रखने के लिए कम से कम दो अलमारी लोहे की होनी जरूरी है। परीक्षा कक्ष में आने जाने के लिए कम से कम एक दरवाजा जरूरी है। विद्यालय में अग्निशमन के संसाधन, पानी की बाल्टियां ओर रेत होना जरूरी है। केंद्र बनाए जाने वाले विद्यालय में चारदीवारी और मुख्य प्रवेश द्वारा पर गेट लगा हो।

परीक्षा केंद्र बनाए जाने वाले स्थान मुख्य संपर्क मार्गों से जुड़ा होना जरूरी है। जिससे नकल विरोधी दस्ता आराम से आ जा सके। एक परीक्षा केंद्र को एक ही विद्यालय के छात्रों के लिए आवंटन किया जाएगा। बालिकाओं के लिए पांच किलोमीटर और बालक के लिए आठ किलोमीटर की दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें