10 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल बोर्ड के 27 लाख उपभोक्ता हैं, इसमें से 10 लाख घरेलू उपभाेक्ता पानी का बिल नहीं भर रहे हैं। इन उपभोक्ताओं को लगता है कि उनके बिल गलत आए हैं। ये उपभोक्ता पानी का बिल नहीं भर रहे हैं तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि इसके बारे में पॉलिसी लेकर आए। दरअसल कोविड के दौरान कई महीनों तक मीटर रीडर पानी के मीटर की रीडिंग लेने नहीं गए और औसत अनुमान के आधार पर बिल बना दिए गए और किसी की फर्जी रीडिंग लिख दी गई।
केजरीवाल सरकार स्वयं ही अनाप-शनाप बिल भिजवाती है: बिधूड़ी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के संबंध में संकल्प पर दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार स्वयं ही जल बोर्ड के अनाप-शनाप बिल भिजवाती है और फिर लाखों के इन बिलों को माफ कराने की योजना पेश कर देती है। जब इस योजना पर अमल नहीं हो पाता तो फिर अधिकारियों पर दोष डाल दिया जाता है। बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार जल बोर्ड के बारे में गंभीर नहीं है। उसने संंकल्प प्रस्ताव पेश कर दिया, लेकिन चर्चा में विभाग की संबद्ध मंत्री और जल बोर्ड की अध्यक्ष आतिशी मौजूद नहीं हैं।
आप ने अधिकारियों, विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा
विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को 280 नियम के तहत आप विधायकों ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों व केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी कोई काम नहीं कर रहे हैं। इस वजह से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उधर, नेता प्रतिपक्ष ने आप सरकार पर चुनाव वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।
आप विधायक भूपेंद्र सिंह जून ने मोहल्ला क्लीनिक पर्याप्त संख्या में नहीं खोले जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों पर स्वास्थ्य विभाग को ठप करने का आरोप लगाया। वहीं, आप विधायक विशेष रवि ने वृद्धा पेंशन देने के लिए केंद्र सरकार से उसका हिस्सा नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डीटीसी में अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों, गेस्ट टीचर्स और अन्य कर्मचारियों का मामला उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को याद दिलाया कि वह इन्हें नियमित करने का वादा करके सत्ता में आए हैं, लेकिन आज तक किसी कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया। आप विधायक मदनलाल ने कहा कि बिजली कंपनी बीएसईएस कनेक्शन देेने के लिए मनमाने नियम बना रही है।
विधायकों के देर से आने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई
सदन में सोमवार को विधायकों के समय पर नहीं आने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 15 मिनट तक सदन में आने के लिए घंटी बजने के बाद विधायक सदन में आए है। लिहाजा विधायक अपनी यह आदत सुधार लें और समय पर सदन में आएं।