बसपा ने दो साल में दो बार नोएडा विधानसभा सीट के लिए घोषित प्रत्याशी बदल दिए। तीन माह पहले देवेंद्र शर्मा को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन पार्टी के कायदों पर वे खरे नहीं उतर सके। उन्हें घर बैठने के लिए कह दिया गया। साथ ही, जोनल कोआर्डिनेटर मुकेश जाटव को हटाकर उनके स्थान पर पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप भारती को जिम्मेदारी दी गई है।
सूत्र बताते हैं कि 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर जिले में कई कार्यक्रम हुए थे। पार्टी सुप्रीमो का लखनऊ में कार्यक्रम था। नोएडा से भारी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ ले जाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन नोएडा प्रत्याशी रहे देवेंद्र शर्मा भीड़ नहीं ले जा सके।
इसकी शिकायत हाईकमान तक पहुंची तो यह कहा गया है कि अगर इतना कमजोर प्रत्याशी नोएडा में रहेगा तो जीत की बात सोचनी ही बेमानी होगी। देवेंद्र को 12 जनवरी को प्रत्याशी घोषित किया गया था। वह रूठे कार्यकर्ताओं को वह मना भी नहीं सके। लिहाजा, हाईकमान की तरफ से देवेंद्र शर्मा को संदेश भिजवा दिया गया कि वह अब घर बैठें।
दूसरी बार काटा गया नोएडा के प्रत्याशी का टिकट
मायावती ने विपक्षियों पर साधा निशाना
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लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा ने बिजेंद्र अवाना को नोएडा विधानसभा का प्रत्याशी घोषित किया था। करीब एक साल तक बिजेंद्र ने नोएडा में कड़ी मेहनत की थी, लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। इसके बाद करीब एक साल तक नोएडा में पार्टी को कोई प्रत्याशी नहीं मिला। अब तीन माह पहले घोषित देवेंद्र शर्मा को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया।
विधानसभा चुनाव के लिए सर्वे में बसपा को आगे दिखाया गया है, तब से पार्टी में टिकट पाने वालों की लाइन लगी हुई है। पार्टी के कद्दावर नेता के साथ-साथ दूसरी पार्टी के असंतुष्ट नेता भी बसपा के संपर्क में हैं। हाल ही में भाजपा नेता जेवर के ब्लाक प्रमुख कमल शर्मा ने बसपा का दामन इसी आस में थामा है कि उन्हें कहीं न कहीं से पार्टी टिकट दे देगी।
बसपा ने इसी तरह खुर्जा विधानसभा से पहले मनोज कुमार को प्रत्याशी बनाया, उन्हें हटाकर पिछले दिनों अर्जुन सिंह को टिकट दे दिया गया। इसी तरह सिकंदराबाद से पार्टी ने पहले सलीम से कहा कि चुनाव लड़ो, बाद में उन्हें हटाकर इमरान अंसारी को जिम्मेदारी दी गई। दादरी से सत्यवीर गुर्जर और जेवर से वेदराम भाटी लगातार दो विधानसभा चुनाव जीत रहे हैं, इसलिए पार्टी उन्हें नहीं छेड़ेगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जो प्रत्याशी खरा उतरेगा, वही चुनाव लड़ेगा।