आपदा के नाम पर बीएसएनएल अपने उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने की जुगत में लगा है। बीएसएनएल लोगों से टूटते रिश्ते को फिर से जोड़ने के लिए सोशल साइट्स के जरिए अपनी खूबियां गिनवा रहा है।
आपदा के दौरान प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले बीएसएनएल अपने उपभोक्ताओं को क्या सुविधा देता है, लोगों को व्हाट्स एप और फेसबुक के जरिए बताया जा रहा है।
विभाग द्वारा जो मैसेज चलाया जा रहा है उसमें गुजरात के भुज में भूकंप के साथ ही केदारनाथ की आपदा और जम्मू-कश्मीर की बाढ़ के दौरान 24 घंटे बाद ही मोबाइल सुविधा चालू कर दी थी।
लेह में लैंड स्लाइडिंग के बाद भी बीएसएनएल नेटवर्क काम करता रहा। जम्मू हो या चेन्नई सब जगह बीएसएनएल का नेटवर्क दुरुस्त मिलता है।
यहां तक कि आपदा के दौरान बीएसएनएल अपनी ओर से एक-एक सप्ताह तक अनलिमिटेड फ्री मिनट्स की सुविधा देता है।
इतनी सुविधा देने के बावजूद लोग यदि बीएसएनएल से किनारा कर रहे हैं तो वे अपने सच्चे दोस्त को नहीं पहचान पा रहे।
बीएसएनएल के एजीएम मार्केटिंग यूवी शाक्या ने बताया कि मैसेज का उद्देश्य लोगों को बीएसएनएल की सुविधाओं को बताना है।
उन्होंने बताया कि लोगों से गहरा रिश्ता जोड़ने के लिए उन्हें अपनी खूबियां बतानी पड़ती है। बीएसएनएल का लक्ष्य अब प्रत्येक व्यक्ति तक अपनी पहुंच बनाना है।