दिल्ली पुस्तक मेला का प्रगति मैदान में शनिवार से आगाज हो गया। यहां बच्चों की दुनिया सबसे ज्यादा गुलजार है। बाल साहित्य, बच्चों को प्रेरित करने वाली कहानियां व कौशल विकास से जुड़ी पुस्तकों के स्टॉल पर बच्चों की अधिक संख्या देखने को मिल रही है। कहीं पर पंचतंत्र तो कहीं दादी-नानी की कहानियां बच्चों के दिल को छू रही हैं।
बच्चों के लिए मेले में पेंटिंग, क्राफ्ट, नाट्य, स्टोरी टैलिंग की कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं। मेला भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) व भारतीय प्रकाशक संघ (एफआईपी) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस बार की थीम राष्ट्र निर्माण में पुस्तकें रखी गई है। मेला का उद्धाटन करते हुए केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के लिए पुस्तक सदैव प्रासंगिक रहेंगी। यहां एफआईपी के अध्यक्ष रमेश के मित्तल, केंद्रीय सूचना मंत्रालय के पब्लिकेशन डिवीजन की महानिदेशक डॉ. अनुपमा भटनागर, आईटीपीओ की महाप्रबंधक हेमा मैतई आदि मौजूद रहीं। मेला दो अगस्त तक चलेगा। यहां कोई भी निशुल्क प्रवेश कर सकता है।
राजनेताओं की किताबें लुभा रहीं
मेले में इंदिरा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गईं हजारों किताबें काफी पसंद की जा रही हैं। सप्ताहांत होने की वजह से कोई दोस्तों के साथ तो कोई परिवार के संग यहां पहुंच रहा है। यहां एनबीटी, साहित्य अकादमी, उर्दू अकादमी समेत कुल 70 से अधिक प्रकाशक व पुस्तक विक्रेता आए हैं।
मिल रही करियर की जानकारी
मेले में एजुकेशन स्टॉल पर नए पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी दी जा रही है। छात्र को 12वीं कक्षा के बाद के करिअर जैसे इंजीनियर, मार्केटिंग, मीडिया सहित अन्य के बारे में बताया जा रहा हैं। अशोक विहार से आए 12वीं के छात्र रोहित ने कहा कि वह बीते कई सालों से दिल्ली पुस्तक मेले में आ रहे हैं। उन्होंने अपने पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकें खरीदी हैं।