दिल्ली समेत देश के चर्चित बटला हाउस एनकाउंटर में शहीद हुए इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की पत्नी ने हाईकोर्ट के फैसले पर आश्चर्य जताया है। स्व. इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की पत्नी माया शर्मा ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि वह अदालत के फैसले से चकित और स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले का असर दिल्ली पुलिस के मनोबल पर भी पड़ेगा। अदालत ने इंस्पेक्टर की हत्या के दोषी ठहराए गए आरिज खान की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया है।
आठ मार्च, 2021 को ट्रायल कोर्ट ने आरिज खान को यह कहते हुए दोषी ठहराया था कि यह साबित हो चुका है कि आरिज़ खान औऱ उसके सहयोगियों ने पुलिस अफसर की हत्या की और उनपर गोली चलाई थी। अदालत ने कहा था कि यह अपराध दुर्लभतम श्रेणी में आता है और इसके तहत अधिकतम सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही अदालत ने आरिज खान को मौत की सजा सुनाई थी। शहीद की पत्नी माया शर्मा ने हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनका परिवार पूरी तरह से स्तब्ध हैं और चकित हैं। एक लंबे अरसे तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद निचली अदालत ने आरोपी को मौत की सजा सुनाई थी।
अदालत ने कहा था कि यह दुर्लभतम केस है। जबकि यह साबित हो चुका है कि वो समाज के लिए खतरा है तो फिर उसकी मौत की सजा को कैसे बदला जा सकता है? आपको नहीं लगता कि इससे उन पुलिसकर्मियों का मनोबल गिरेगा जो इस तरह के एनकाउंटर में सबसे आगे रहकर अपनी भूमिका निभाते हैं।
माया शर्मा ने बताया कि उनके परिवार को लोग फोन कर कह रहे हैं कि इस देश में जस्टिस हो ही नहीं सकता। जब उनसे पूछा गया कि क्या वो हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। उन्होंने कहा कि हां। मिलने के बाद कोर्ट के आदेश की कॉपी मिल जाने दीजिए, ताकि हम यह देख सकें कि अदालत ने किस आधार पर अपना फैसला सुनाया है।
इंस्पेक्टर मोहनचंद टीम को कर रहे थे लीड
दिल्ली के बाटला हाउस में 19 सितंबर 2008 की सुबह एनकाउंटर हुआ था। गोलियां की आवाज से जामिया नगर इलाका थर्रा उठा था। उससे ठीक एक हफ्ता पहले 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में पांच जगहों पर ब्लास्ट हुए थे। तीन जिंदा बम भी मिले थे। 50 मिनट में हुए इन पांच धमाकों में करीब 39 लोग मारे गए थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल धमाकों की जांच कर रही थी, तब वह बाटला हाउस में एल-18 नंबर की इमारत की तीसरी मंजिल पर पहुंच गई थी।
स्पेशल सेल के उस समय तेज तर्रार इंस्पेक्टर मोहनचंद्र शर्मा टीम को लीड कर रहे थे। एसीपी संजय दत्त निगरानी कर रहे थे। वहां इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकियों से मुठभेड़ हुई। मरने वाले दो संदिग्ध आजमगढ़ के थे। दो गिरफ्तार हुए थे। एक फरार हो गया था। एनकाउंटर के दौरान आरिज मौके से भाग निकला था। उसे साल 2018 में नेपाल से गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसे धारा 302, 307 और आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया था। इस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा शहीद हो गए थे। आरिज को इसी मामले में सजा सुनाई गई।
आरिज उत्तर प्रदेश के लखनऊ कोर्ट में 2007 में हुए ब्लास्ट में भी शामिल था। जानकारी के मुताबिक, आरिज बम बनाने में माहिर है और वह उत्तर प्रदेश के फैजाबाद और वाराणसी बम धमाके में भी शामिल था। आरिज खान इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का आतंकी है। उस पर दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या का आरोप है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इस मामले में आरिज खान को आठ मार्च को दोषी करार दिया था। अदालत ने 14 मार्च 2021 को आरिज को फांसी की सजा सुनाई थी, तब कोर्ट ने कहा था कि यह क्राइम रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी का है। आरिज ने कोर्ट के इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
एनकाउंटर के फर्जी होने के लगे थे आरोप
बाटला हाउस एनकाउंटर में टीम का नेतृत्व कर रहे मोहन चंद्र शर्मा को तीन गोलियां लगी थीं। उनकी उसी दिन उनकी होली फैमिली अस्पताल में मौत हो गई थी। इस दौरान मानवाधिकार संगठनों ने बाटला हाउस एनकाउंटर को फर्जी बताया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने जांच के आदेश भी दिए थे। दिल्ली पुलिस को क्लीन चिट मिली थी। 2013 में अदालत ने शर्मा की हत्या के आरोप में शहजाद अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
राजनीतिक घमासान भी हुआ था
बाटला हाउस के बाद राजनीतिक घमासान मचा था। बाटला हाउस एनकाउंटर पर फैसला आने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और दिग्विजय सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। एक तरह से उन्होंने आतंकियों का पक्ष लिया था। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
कब-कब क्या हुआ
- 13 सितंबर, 2008 : नई दिल्ली में सिलसिलेवार विस्फोटों से 39 लोगों की मौत हो गई और 159 घायल हो गए।
- 19 सितंबर : पुलिस और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, एफआईआर दर्ज की गई।
- 3 जुलाई, 2009 : आरिज खान और शहजाद अहमद को निचली अदालत ने भगोड़ा अपराधी घोषित किया।
- 2 फरवरी, 2010 : शहजाद अहमद को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।
- 1 अक्टूबर : मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई।
- 30 जुलाई, 2013 : इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी और सह-आरोपी शहजाद अहमद को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- 14 फरवरी, 2018 : आरिज खान को गिरफ्तार कर लिया गया। एक दशक तक फरार रहा।
- 8 मार्च, 2021 : ट्रायल कोर्ट ने आरिज खान को हत्या और अन्य अपराधों का दोषी ठहराया।
- 15 मार्च, 2021 : ट्रायल कोर्ट ने आरिज खान को मौत की सजा सुनाई, 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
- 10 जनवरी, 2022 : दोषसिद्धि और सजा के ट्रायल कोर्ट के आदेशों के खिलाफ आरिज खान की अपील पर पुलिस को नोटिस जारी किया।
- 7 मार्च, 2022 : मौत की सजा की पुष्टि की जाए या नहीं, इस बारे में मौत के संदर्भ पर खान को नोटिस जारी किया।
- 18 अगस्त, 2023 : आरिज खान को दी गई मौत की सजा की पुष्टि पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।
- 12 अक्टूबर, 2023 : सजायाफ्ता पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या के लिए खान की सजा को बरकरार रखा, लेकिन मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया।