Baba Hardev Singh daughter sudesha
संत निरंकारी मिशन की सामयिक सद्गुरु माता सविंदर हरदेव महाराज ने सोमवार को अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होने का फैसला लिया। वह कनाडा में दो साल पहले निरंकारी बाबा हरदेव सिंह की सड़क हादसे में मृत्यु के बाद मिशन की गुरु बनी थीं।
उन्होंने अपने स्थान पर सबसे छोटी बेटी सुदीक्षा को सद्गुरु एवं संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक प्रमुख के रूप में घोषित किया है। वह मंगलवार को बुराड़ी रोड स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी। मिशन की गुरु बनने जा रहीं 33 वर्षीय सुदीक्षा के पति अवनीश सेतिया की भी कनाडा में बाबा हरदेव सिंह के साथ सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
उस दौरान भी सुदीक्षा को मिशन का गुरु बनाने की चर्चा जोरों से चली थी, लेकिन परिजनों में सहमति नहीं बनने के चलते हरदेव सिंह की पत्नी सविंदर हरदेव महाराज ने मिशन का गुरु बनने का निर्णय लिया, वह पिछले दो साल से मिशन की गुरु हैं। बाबा हरदेव सिंह का कोई पुत्र नहीं है, उनकी तीन पुत्रियां है, जिनमें सुदीक्षा सबसे छोटी है।
सूत्रों के अनुसार, पिता और पति की मृत्यु के बाद से ही सुदीक्षा मिशन की गतिविधियों में काफी सक्रिय हैं। इसी कारण उनको गुरु बनाने का फैसला लिया गया। दरअसल माता सविंदर की कई माह से तबीयत खराब चल रही है। ऐसे में वह मिशन की गतिविधियों में नियमित तौर पर हिस्सा नहीं ले पा रहीं।