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COVID-19: कोरोना के अतिसंवेदनशील मरीजों के इलाज में प्रभावी हैं आयुर्वेद और योग, IIT दिल्ली के शोध में दावा

Tue, 13 Sep 2022 04:35 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कोरोना वायरस के 30 अति नाजुक मरीजों के सफल इलाज का शोध इंडियन जर्नल ऑफ ट्रेडीशनल नॉलेज में प्रकाशित हुआ है। शोध में बताया गया है कि कोरोना वायरस के इलाज के अलावा योग और आयुर्वेद से ऐसे मरीजों को तनाव से भी राहत मिलने की उम्मीद है और इलाज के बाद जल्द से जल्द ठीक होने में भी मददगार साबित हो सकती है।
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आईआईटी दिल्ली - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कोरोना वायरस के अतिसंवेदनशील मरीजों के इलाज में योग और आयुर्वेद प्रभावी साबित हो सकते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली और उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त शोध में यह तथ्य सामने आया है।

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कोरोना वायरस के 30 अति नाजुक मरीजों के सफल इलाज का शोध इंडियन जर्नल ऑफ ट्रेडीशनल नॉलेज में प्रकाशित हुआ है। शोध में यह भी बताया गया है कि कोरोना वायरस के इलाज के अलावा योग और आयुर्वेद से ऐसे मरीजों को तनाव से भी राहत मिलने की उम्मीद है और इलाज के बाद जल्द से जल्द ठीक होने में भी मददगार साबित हो सकती है।

प्रोजेक्ट शुरू करने वाले आईआईटी-दिल्ली के राहुल गर्ग ने बताया, ''शोध में शीर्ष भारतीय शिक्षण संस्थानों में पारंपरिक भारतीय ज्ञान तंत्र का वैज्ञानिक परीक्षण तत्काल करने की जरूरत भी महसूस हुई है। कोविड-19 के खिलाफ आयुर्वेद और योग आधारित इलाज की प्रभाविकता के मूल्यांकन का समय पर और उचित ट्रायल करने से लोगों को कोरोना के खिलाफ योग और आयुर्वेद का बेहतर उपयोग पता होगा।''
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मरीजों को गाइडलाइंस के अनुसार मानक आधारित इलाज के अलावा टेलीमेडिसिन के माध्यम से आयुर्वेदिक दवाइयां दी गईं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से थेरेप्योटिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया।

गर्ग ने बताया, ''लगभग सभी मरीज उच्च जोखिम वाले थे क्योंकि वे कोरोना के अलावा भी अन्य बीमारियों जैसे- डाइबिटीज मेलिटस, हाइपरटेंशन, किडनी या हृदय संबंधी रोग से पीड़ित थे या 60 साल से ज्यादा आयु के थे।''

इलाज में आयुर्वेदिक दवाइयां, दैनिक योग जिसमें प्राणायाम व अन्य सामान्य आसन और जीवनशैली में कुछ बदलाव किया गया। लक्षण वाले मरीजों में से आधे से ज्यादा में पांच दिन में ही सुधार दिखने लगा जबकि 90 प्रतिशत लोगों में नौ दिन के अंदर सुधार दिखने लगा। इस दौरान 60 प्रतिशत मरीज 10 दिन में 90 प्रतिशत ठीक हो चुके थे।

शोध में शामिल आईआईटी की एक स्कॉलर सोनिका ठाकराल ने बताया, ''इलाज के अंत तक कई मरीजनों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपना लिया और कई लोग आयुर्वेदिक डॉक्टरों से इलाज कराने लगे।''

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