इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आश्रम फ्लाईओवर के खुलने से नोएडा से एम्स तक सिग्नल फ्री सफर कर सकेंगे और लाजपत नगर से आने वाले लोग बिना रुकावट के सराय काले खां और डीएनडी जा सकेंगे। दिल्ली सरकार सड़क और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए दिन-रात काम कर रही है। दिल्ली में 101 फ्लाईओवर और अंडरपास हैं। इनमें से 74 पिछले 65 साल में बने थे, जबकि हमारे कार्यकाल में 27 बने हैं। वहीं, 15 फ्लाईओवर के विस्तार या दोहरीकरण के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
इस मौके पर पीडब्ल्यूडी मंत्री कैलाश गहलोत, कालकाजी से विधायक आतिशी, जंगपुरा से विधायक प्रवीण कुमार और ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
60 दिन में काम पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को यकीन नहीं था कि फ्लाईओवर को हम 45 से 60 दिन में पूरा कर लेंगे, लेकिन पूरा करके दिखाया। अभी कुछ छोटे-मोटे काम बचे हैं। इसमें हाइटेंशन तार है। इसलिए कुछ दिन तक अभी इस पर हल्के वाहन चलेंगे। जब हाइटेंशन तार हटा दिए जाएंगे, तो भारी वाहनों को भी अनुमति दे दी जाएगी। यह फ्लाईओवर 1425 मीटर लंबा है।
लाखों यात्रियों को होगी सुविधा
पीडब्ल्यूडी मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि फ्लाईओवर खुलने से रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की यात्रा का समय कम होगा और जाम से भी मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार अपने नागरिकों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं लोक निर्माण विभाग को भी बधाई देना चाहता हूं कि विभाग ने विभिन्न चुनौतियों के बीच इस कठिन कार्य को पूरा करने के लिए केवल रात में निर्माण कार्य करते हुए यातायात के प्रवाह को बनाए रखा।
छह लेन का है फ्लाईओवर
आश्रम फ्लाईओवर से होकर नोएडा-गाजियाबाद से दिल्ली के लाजपत नगर और आईटीओ से लाजपत नगर के बीच वाहनों की आवाजाही अधिक रहने के मद्देनजर इसे 6 लेन का बनाया गया है। तीन-तीन लेन दोनों तरह बनाए गए हैं। लोगों को सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए आवश्यकतानुसार एफओबी बनाया गया है। साथ ही रैंप भी दिया गया है। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ बना है तो जगह-जगह रोड साइनेज लगे हैं। स्ट्रीट लाइट का कार्य भी हुआ है और पानी निकासी के लिए ड्रेनेज भी बनाया गया है। फ्लाईओवर के विस्तार का कार्य जून 2020 में प्रारंभ हुआ था और 31 मार्च 2023 तक इसे शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विस्तार पर करीब 180 करोड़ रुपए का खर्च आया है। महारानी बाग में पैदल यात्रियों के लिए सब-वे बनाया गया है। निर्बाध आवागमन की वजह से वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी। जबकि ट्रैफिक जाम न लगने से रोजाना बड़ी मात्रा में ईंधन की बचत होगी।