अदालत ने अरविंद केजरीवाल की अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रखा। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केजरीवाल को घर के बने भोजन में जो खाने की अनुमति दी गई थी और जो उन्हें दिया गया था, उसके बीच अंतर है।
केजरीवाल अपने डॉक्टर से वीडियो कांफ्रेस कंसल्टेशन की इजाजत मांग रहे हैं। अदालत ने केजरीवाल की अर्जी पर फैसला सोमवार के लिए सुरक्षित रख लिया है।
जेल प्रशासन और ईडी कर रही विरोध
अरविंद केजरीवाल के वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि हमने एक याचिका दायर कर कोर्ट से अनुरोध किया है कि अरविंद केजरीवाल को अपने डॉक्टर से परामर्श करने की अनुमति दी जाए। क्योंकि पिछले कई वर्षों से उनका इलाज चल रहा है। लेकिन जेल प्रशासन इसका विरोध कर रहा है। इसके अलावा ईडी ने भी इसका विरोध किया है। सोमवार को इस मामले पर सुनवाई होगी। जेल प्रशासन ने जवाब मांगा गया है।
ईडी ने कहा कि जेल में उन्हें 48 बार खाना पहुंचाया गया। एक छोटे कंटेनर में केवल तीन बार एक छोटा सा आम था। लेकिन वे इसे एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कहते हैं कि हम निगरानी कर रहे हैं और उनका कहना है कि मेरा बीपी उतार-चढ़ाव कर रहा है, यहां तक कि 300 को भी पार कर रहा है। इसलिए उन्हें तत्काल इंसुलिन की जरूरत है।
ईडी और तिहाड़ जेल प्रशासन ने मांगा जवाब
स्पेशल जज कावेरी बावेजा अब इस पूरे मामले पर 22 अप्रैल 2024 को आदेश जारी करेंगी। कल तक तिहाड़ जेल प्रशासन और ईडी से जवाब मांगा गया है।
ईडी के वकील ने किया दावा
ईडी की तरफ से पेश हुए वकील जुहैब हुसैन ने गुरुवार को कोर्ट को बताया कि जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जानबूझकर आम और मिठाइयां खा रहे थे और चीनी के साथ चाय ले रहे थे ताकि उनके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाया जा सके और इसे चिकित्सा आधार पर जमानत हासिल करने के लिए आधार के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।