केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को रविवार शाम साकेत स्थित मैक्स अस्पताल से एम्स शिफ्ट किया गया। उन्हें कार्डियोे न्यूरो सेंटर के प्राइवेट आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
सेहत की निगरानी रखने के लिए अलग अलग विभागों के पांच डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। हालांकि जेटली को एम्स मेें भर्ती कराने की वजह अभी साफ नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि वित्त मंत्री ठीक हैं और वे चलकर अपने वार्ड तक गए।
मैक्स अस्पताल में 2 सितंबर को डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए जेटली की वैरियाट्रिक सर्जरी की गई थी। 10 सितंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी।
22 सितंबर को उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया है कि जेटली के श्वसन तंत्र में संक्रमण था। इसमें लगातार सुधार भी हो रहा था, लेकिन रविवार को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया।
वित्त मंत्री के इलाज के लिए एम्स डायरेक्टर डॉ. एमसी मिश्रा के नेतृत्व में गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी के डॉ. एके आचार्य, डॉ. विनीत आहूजा, इंडोक्रिनोलॉजी के डॉ. निखिल टंडन, कार्डियोलॉजी के डॉ. गौतम शर्मा, पॉलिमनरी मेडिसिन के डॉ. रणदीप गुलेरिया और नेस्ट्रोलॉजी विभाग के डॉ. संदीप महाजन की टीम बनाई गई है।
रविवार शाम जेटली की कुछ चेकअप किए गए। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अरुण जेटली के श्वसन तंत्र में संक्रमण था। इसमें लगातार सुधार हो रहा है।
जेटली को अभी और आराम की जरूरत है। वित्त मंत्री को किसी भी तरह का इंफेेक्शन न हो, इसलिए उन्हें एम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।