व्यावसायिक परियोजना में निवेश का झांसा देकर 30 करोड़ की ठगी करने वाला रियल एस्टेट कंपनी मिस्ट एवेन्यू के निदेशक को आर्थिक अपराध शाखा ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस एक आरोपी निदेशक को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों ने 150 से अधिक लोगों से परियोजना में निवेश करवाया। गिरफ्तार निदेशक की पहचान सेक्टर 16ए चंडीगढ़ निवासी दीप कंवर सिंह वालिया के रूप में हुई है।
शाखा के विशेष आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि साल 2018 में शिकायतकर्ता जेपी कक्कड़ और अन्य लोगों ने शाखा में धोखाधड़ी, ठगी और रुपये की हेराफेरी की शिकायत की। जिसमें आरोप लगाया कि मिस्ट एवेन्यू कंपनी ने 2012-13 में अपनी परियोजना का विज्ञापन देकर प्रचार प्रसार किया और निवेशकों को आमंत्रित किया। कंपनी ने शुरू में दावा किया कि वह व्यवसायिक परियोजना शुरू कर रहे हैं। जिसमें एक व्यवसायिक टॉवर बनाया जा रहा है।
उन्होंने 99 दिन में 33 मंजिल का व्यवसायिक टॉवर तैयार करने का दावा किया। इन दावों में आकर निवेशकों ने परियोजना में निवेश किया। बिना निर्माण कार्य किए कंपनी ने निवेशकों से पैसे लिए और उस राशि पर ब्याज भी लगाया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी ने परियोजना का नाम मिस्ट एवेन्यू से बदलकर फेस्टिवल सिटी कर दिया। साथ ही उन्होंने अपनी कंपनी का नाम एवेन्यू प्राइवेट लिमिटेड से मिस्ट डायरेक्ट सेल्स प्राइवेट लिमिटेड कर दिया। 2012-2013 में आरोपियों ने साल 2015 में कब्जे का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर साल 2022 कर दिया।
निवेशकों को नई कंपनी मिस्ट डायरेक्ट सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ नया अनुबंध करने के लिए मजबूर किया। कंपनी ने निवेश किए गए धन को वापस मांगने पर 35 फीसदी राशि को जब्त करने की धमकी दी। आवंटित इकाइयों के सौंपे जाने और रकम वापस नहीं करने पर निवेशकों ने शाखा में शिकायत की। पुलिस ने कंपनी के निदेशकों को जांच से जुड़ने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन एक भी आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद शाखा की टीम ने अदालत से निदेशक दीप कंवर सिंह वालिया के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाया। इसके बाद 5 सितंबर को आरोपी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।