बहुत बच्चे टीका लेने से डर रहे हैं। पहले मुझे भी डर लग रहा था। मैं सोच रही थी कि पता नहीं सुई चुभेगी तो कितना दर्द होगा? जल्दबाजी के चक्कर में कहीं उन्हें जोर से सुई न चुभ जाए लेकिन ऐसा हुआ नहीं। देखिए, मैं दो मिनट पहले ही कक्ष में आई और आपसे बात करते करते मुझे टीका भी लग गया। मुझे बड़ा मजा आ रहा है। दूसरे बच्चों को भी सुई की टेंशन नहीं लेनी चाहिए। बार बार सोचना बेकार है। फटाफट टीका लग जाता है। इसलिए जल्दी जल्दी टीका लगवाने के लिए केंद्र तक पहुंचना है। यह कहना है 13 वर्षीय मीना का। राजा गार्डन स्थित शिवाजी कॉलेज में बने टीकाकरण केंद्र पर मीना अपने पिता रवि कुमार के साथ पहुंची थीं। यहां टीकाकरण कक्ष के पास और भी कई बच्चे मिले जो अपने अभिभावकों के साथ यहां पहुंचे थे। बातचीत में राजा गार्डन निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उनकी बेटी बहुत परेशान हो रही थी लेकिन उन्होंने जब अपना अनुभव बताया तो वह थोड़ी शांत हुई। इसके बाद वे आईं और खुद बच्ची के साथ खड़ी रहीं। उनकी बच्ची दिव्या अब खुश हैं और वो जल्दी जल्दी दूसरी खुराक लेना भी चाहती है।
ठीक ऐसा ही माहौल सोमवार को मयूर विहार पॉकेट चार स्थित टीकाकरण केंद्र में देखने को मिला। यहां एक स्कूल में बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा था। इस बीच बबिता अपनी बेटी टीना को लेकर कक्ष में मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि टीना पहले काफी घबरा रही थी। किसी ने उनके फोन पर वीडियो भेजा था जिसमें टीका के बारे में काफी गलत बातें बताई जा रही थीं लेकिन उन्होंने जब टीना को देखा तो न सिर्फ डांटा बल्कि वे खुद उसे लेकर स्कूल आईं और टीका की पहली खुराक ली। बबिता बताती हैं कि मां-पिता को भी टीकाकरण के लिए अपने बच्चों का उत्साह बढ़ाना चाहिए। इस वक्त हर किसी को एक साथ आकर महामारी से बचाव की जरूरत है। स्कूलों में हर किसी के बच्चे पढ़ रहे हैं। अगर हम अपने बच्चों को सुरक्षित रखेंगे तो सभी बच्चे सुरक्षित भी रहेंगे और संक्रमण से इनका बचाव भी रहेगा।
छुट्टी के दिन भी बच्चे लगवा रहे टीका
स्वास्थ्य विभाग की टीकाकरण अधिकारी अनीता कुमारी बताती हैं कि टीका को लेकर बच्चों में वे खुद काफी उत्साह देख रही हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिन रविवार को अवकाश था लेकिन कुछ केंद्र दिल्ली में अवकाश के दिन भी खुले हैं। इन्हीं केंद्रों पर पूरे दिन में चार हजार से अधिक टीकाकरण हुआ है जिनमें 1700 से ज्यादा टीकाकरण 12 से 14 साल के बच्चों का हुआ है। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से स्कूल खुलने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी और अगले महीने तक बच्चों का टीकाकरण सबसे पहले खत्म भी हो जाएगा।
तीन लाख से अधिक को लगा टीका
विभाग के अनुसार 16 से 27 मार्च के बीच तीन लाख से ज्यादा बच्चों ने टीका लिया है। वहीं सोमवार को 28 मार्च के दिन दिल्ली में 35 हजार से ज्यादा बच्चों ने पहली खुराक ली। हालांकि विभाग का कहना है कि अभी भी तीन लाख बच्चे टीका लेने से बचे हैं। इन्हें जल्द से जल्द टीकाकरण केंद्र तक पहुंचाने के लिए जिले वार जागरुकता कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।