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दिवाली से पहले बस मार्शल को तोहफा: परिवहन विभाग ने दी मंजूरी, जल्द ही खातों में आ जाएगी सैलरी

Fri, 03 Nov 2023 04:46 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश जारी होने के बाद दिल्ली परिवहन विभाग की ओर से सभी मार्शलों की बकाया सैलरी जल्दी ही खातों में भेज दी जाएगी। क्योंकि विभाग ने सैलरी सैंक्शन कर दी है।
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डीटीसी बस मार्शल को जल्द मिलेगी सैलरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली से पहले हटाए गए डीसीसी बस मार्शलों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को सभी मार्शलों की सैलरी देने के आदेश दिए थे। जिसके बाद विभाग की ओर से वेतन की मंजूरी दे दी गई है। 

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मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश के बाद सभी बस मार्शलों का 31 अक्तूबर 2023 तक का वेतन सैंक्शन कर दिया गया है। जिसके बाद अब जल्द ही सभी बस मार्शलों के खातों में बकाया सैलरी पहुंच जाएगी। 

सीएम केजरीवाल ने दिया था परिवाहन विभाग को आदेश
जानकारी के लिए बता दें कि डीसीसी बस मार्शल को उनका बकाया वेतन देने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को आदेश दिया था। मुख्यमंत्री का यह निर्देश उपायुक्त संतोष कुमार राय के आदेश के एक दिन बाद आया। संतोष कुमार राय ने अपने आदेश में कहा था कि एक नवंबर से इन सभी बस मार्शल की सेवाएं समाप्त हो गई है। इस आदेश के आते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तुरंत प्रतिक्रिया करते हुए नया आदेश जारी किया है। 
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मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जब तक बस मार्शल के रूप में होमगार्ड की नियुक्ति और तैनाती नहीं हो जाती, तब तक मौजूदा मार्शल पहले की तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेवाएं देते रहेंगे। केजरीवाल ने परिवहन मंत्री को निर्देश दिया कि होमगार्ड को बस मार्शल के रूप में तैनात किया जाए। 

जारी हुआ था मार्शल को हटाने का आदेश 
राजस्व विभाग में उप-आयुक्त संतोष कुमार राय ने आदेश जारी करते हुए सभी मार्शल को हटाने का निर्देश दिया है। निर्देश में कहा गया है कि नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 और उसके तहत नियमों और विनियमों के प्रावधानों के अनुसार, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों (सीडीवी) को केवल शत्रुतापूर्ण हमले से निपटने या आपदा प्रबंधन के लिए बुलाया जा सकता है। लेकिन इस मामले में देखा गया कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को ड्यूटी के लिए बुलाया जा रहा है। यह जीएनसीटीडी के विभिन्न विभाग जो नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों के विपरीत हैं। जो सेवाएं दे रहे थे। 

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