जेएनयू में छात्रा के अपहरण के प्रयास मामले में गिरफ्तार आरोपी अभिषेक (23) ने पुलिस की पूछताछ कई खुलासे किए हैं। कार सवार आरोपी गलत पता लिखवाकर जेएनयू में दो बाद घुसे थे। आरोपियों ने दूसरी बार सुनसान जगह पर दो छात्राओं को घूमते हुए देख लिया था।
इसके बाद एक छात्रा के अपहरण का प्रयास किया। छेड़छाड़ के बाद बाल पकड़कर छात्रा को काफी दूर तक घसीटा भी गया था। पुलिस के अनुसार, अभिषेक ने बताया कि घटना के समय स्विफ्ट कार वह खुद चला रहा था। कार मामा की है। उसके साथ तीन दोस्त थे। पुलिस ने मुनिरका व कटवारिया सराय के रहने वाले तीनों दोस्तों की पहचान कर ली है। उन्हें जल्द ही पकड़ा जाएगा।
चारों जेएनयू में दो बार गए थे। पहली बार शाम सात बजे गए थे। इस दौरान उन्हें मुख्य गेट पर जेएनयू के एक घर का पता रजिस्टर में लिखवाया था। पुलिस ने बाद में पते पर जाकर पूछा तो वहां रहने वाले लोगों ने अभिषेक को जानने की बात से इंकार किया।
आरोपी जेएनयू में कुछ देर घूमकर वापस आ गए। इसके बाद रात 11:30 बजे फिर जेएनयू में गए। इस बार उन्होंने रिंग रोड पर घूम रही दो छात्राओं में से एक को अगवा करने का प्रयास किया। इसके बाद रात 12:30 बजे बाहर आ गए। यहां अभिषेक ने पीएचडी के छात्र रणधीर की पिटाई कर दी।
रणधीर ने भी अभिषेक की पहचान कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेएनयू के मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी लगे हुए हैं। फुटेज की जांच से पता लगा है कि आरोपी जेएनयू में दो बार गए थे।
पुलिस को कर रहा गुमराह
जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभिषेक शुरू से पुलिस को गुमराह कर रहा है। वह दोस्तों के साथ जेएनयू में जाने व मुख्य द्वार पर पीएचडी के छात्र की पिटाई की बात को स्वीकार कर रहा है, लेकिन छात्रा से छेड़छाड़ व अपहरण के प्रयास की बात से इंकार कर रहा है। आरोपी का कहना है कि वह मुनिरका में रहता है और बचपन से जेएनयू में आता-जाता रहा है।
एमबीए की तैयारी कर रहा आरोपी
अभिषेक ने मणिपाल यूनिवर्सिटी से बीटेक किया हुआ है। इन दिनों वह एमबीए की तैयारी कर रहा है। वारदात वाले दिन दोस्तों के साथ मौजमस्ती करता हुआ घूम रहा था। आरोपी का कहना है कि वह जेएनयू में एक जानकार से मिलने गया था।