मुठभेड़ में पुलिस द्वारा मारे गये बदमाश अक्की उर्फ दक्ष की फाइल फोटो।
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गाजियाबाद में हुई पुलिस मुठभेड़ में मारा गया दक्ष हरिसिंगपुर गांव का रहने वाला था। दो साल पहले वह गांव छोड़कर चला गया था, तभी से उसने माता पिता से भी बात नहीं की थी। शुक्रवार को जब मुठभेड़ में मौत की खबर गांव पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। परिजन शव लेने के लिए गाजियाबाद रवाना हो गए।
टाटा स्टील प्रवेश अलमीरा के बिजनेस हैड विनय त्यागी की तीन मई की रात लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में किशनी थाना क्षेत्र के गांव हरिसिंहपुर निवासी सतेंद्र चौहान का पुत्र दक्ष भी शामिल था। शुक्रवार की सुबह हुई मुठभेड़ में घायल दक्ष की अस्पताल में मौत हो गई। दक्ष दो साल से अपने एक रिश्तेदार के यहां सीलमपुर दिल्ली में रह रहा था।
दरअसल, दक्ष करीब दो साल पहले गांव छोड़कर चला गया था। इसके बाद उसने माता-पिता से कभी बात नहीं की। छह माह पहले नानी की मौत की खबर मिलने के बाद वह गांव आया था। इसके बाद वापस चला गया था। वह घरवालों से भी संपर्क नहीं रखता था। शुक्रवार को जब दक्ष की मौत की खबर परिजन को मिली तो चीख पुकार मच गई।
दक्ष ने गाजियाबाद पुलिस को भ्रमित करने के लिए बताया था कि उसके माता-पिता नहीं हैं और उसकी परवरिश एक किन्नर ने की है, लेकिन मौत से पहले उसने पुलिस को माता-पिता के जीवित होने की सच्चाई बताई। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर उसके परिजन को सूचना दी। परिजन दक्ष का शव लेने के लिए गाजियाबाद रवाना हो गए हैं।
हाईस्कूल के बाद नहीं की पढ़ाई
गांव हरिसिंहपुर निवासी दक्ष के खिलाफ किशनी थाना में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। गांव में भी उसने कोई आपराधिक घटना को अंजाम नहीं दिया। दो साल पहले जब वह गांव छोड़कर गया तो फिर दोबारा पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह अपराध के रास्ते पर कैसे चला गया। इसको लेकर अभी परिजन कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। दक्ष ने कस्बा स्थित एक स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी।