आम आदमी पार्टी ने बिनोद कुमार बिन्नी मामले को दोहराते हुए एक बार फिर पार्टी के एक कार्यकर्ता अश्वीनी उपाध्याय को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
यूं तो इस पार्टी इस कार्यकर्ता ने पहले ही आम आदमी पार्टी से तौबा कर ली थी लेकिन अब पार्टी ने बाकायदे इन्हें निष्कासित कर दिया है। दरअसल, 'आप' के लीगल सेल के कन्वीनर अश्विनी कुमार ने पार्टी पर 'पथभ्रष्ट' होने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे।
उनमें से एक गंभीर आरोप यह भी है कि लोकसभा चुनाव के लिए 'आप' के 70 उम्मीदवारों में से 64 के नाम पर 31 जनवरी को हुई नैशनल काउंसिल की मीटिंग से पहले ही मुहर लग चुकी थी। यही नहीं उन्होंने मुरादाबाद सीट को एक करोड़ रुपये में बेचने का आरोप भी लगाया था।
मिली कारण बताओ नोटिस भी
आम आदमी पार्टी ने अश्वीनी उपाध्याय को न केवल पार्टी से निकाला बल्कि उनको कारण बताओ नोटिस भी थमा दिया।
पार्टी के अनुसार अश्वीनी लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं, लेकिन पार्टी के यह पूछे जाने पर कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं, उनका कोई जवाब नहीं आया।
अब पार्टी उन्हें जवाब न देने के लिए कारण बताओ नोटिस दे रही है। गौरतलब है कि अश्वीनी उपाध्याय टिकट बंटवारे के मसले पर पार्टी से खफा हैं और कई बार इसका विरोध भी जता चुके हैं।
केजरीवाल के पास भी पहुंचा मामला
इन दिनों केजरीवाल दिल्ली में ही हैं। ऐसे में अश्वीनी को पार्टी से बेदखल करने का निर्णय लिया गया है। जबकि अश्वीनी उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने टिकट बंटवारे मुद्दे पर केजरीवाल को लेटर लिखकर अपनी आपत्ति जाहिर की थी।
लेकिन केजरीवाल ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। जबकि पार्टी अश्वीनी पर पार्टी की ओर से भेजे गए लेटर का कोई जवाब न देने का आरोप लगा रही है।
हालांकि अब पार्टी ने उन्हें निकाल दिया है, तो बहुत मुमकिन है कि अब अश्वीनी के पार्टी पर प्रहार और तेज हो जाएं।