राजधानी के वन क्षेत्र रिज में लगभग 1100 पेड़ों की कटाई मामले में दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर हमला बोला है। इस मामले को लेकर आप ने सक्सेना पर मुकदमा चलाने की मांग की है। आप ने आरोप लगाते हुए कहा कि एलजी को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। आप ने दावा करते कहा कि छतरपुर के सतबड़ी इलाके के पास स्थित वन्य क्षेत्र रिज में गैरकानूनी तरीके से पेड़ काटे गए हैं।
भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए बताया कि तीन फरवरी को उपराज्यपाल वीके सक्सेना, जोकि डीडीए के अध्यक्ष भी हैं, उनका इस वन्य क्षेत्र में एक दौरा हुआ था। उनके दौरे के कुछ दिन बाद ही इस वन्य क्षेत्र में बिना किसी अनुमति और सुप्रीम कोर्ट की जानकारी के बिना पेड़ काट दिए गए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एक एनजीओ को जब इसकी जानकारी मिली, तो उसने छानबीन करना शुरू की। ऐसे में आनन-फानन पेड़ काटने के बाद मार्च के महीने में डीडीए सुप्रीम कोर्ट इन पेड़ों की कटाई की अनुमति लेने पहुंची। उन्होंने दावा करते हुए बताया कि चार मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए द्वारा इन पेड़ों की कटाई के लिए जो एप्लीकेशन डाली थी, उसे रिजेक्ट कर दिया।
भारद्वाज ने दावा करते हुए कहा कि एनजीओ कपूरिया और न्यू दिल्ली नेचर सोसाइटी जो की इन पेड़ों की कटाई के मामले में छानबीन कर रही थी, यह दोनों एनजीओ मई के महीने में सुप्रीम कोर्ट पहुंची और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि डीडीए जिन पेड़ों को काटने की अनुमति मार्च में मांग रही थी, वह पेड़ फरवरी में ही काट दिए थे। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए को फटकार लगाते हुए कहा कि आपने कोर्ट के समक्ष झूठा हलफनामा प्रस्तुत किया, जबकि आप पेड़ पहले ही काट चुके हो। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच ने डीडीए के उपाध्यक्ष पांडा के ऊपर आपराधिक अवमानना का मामला लगा दिया और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए कहा।