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अमर उजाला खास: दिल्ली के 106 साल पुराने अस्पताल का विस्तार, लुटियन को मिलेगा दूसरा ट्रामा सेंटर

Sun, 03 Apr 2022 10:00 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. रामचंद्र का कहना है कि ट्रामा सुविधा शुरू होने से मरीजों को नई दिल्ली इलाके में इलाज के लिए नया विकल्प मिल सकेगा। साथ ही आघात केंद्र ओपीडी व वॉर्ड की सुविधा भी मिल सकेगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के 106 साल पुराने अस्पताल का अब विस्तार होने जा रहा है, जिसके चलते लुटियन यानी नई दिल्ली क्षेत्र को दूसरा ट्रामा सेंटर जल्द मिलने वाला है। सड़क दुर्घटना या फिर अन्य किसी हादसे में घायल का समय पर उपचार होना जरूरी है। ऐसे में नई दिल्ली स्थित साल 1906 में शुरू हुए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में नया ट्रामा सेंटर तैयार होने जा रहा है। 

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जानकारी मिली है कि इसे शुरू होने में करीब तीन से चार महीने का वक्त लग सकता है। अस्पताल परिसर में ही एक अलग ब्लॉक तैयार हो चुका है। अभी तक लुटियन क्षेत्र में डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में आकस्मिक आघात (ट्रामा) केंद्र की सुविधा है।

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. रामचंद्र का कहना है कि ट्रामा सुविधा शुरू होने से मरीजों को नई दिल्ली इलाके में इलाज के लिए नया विकल्प मिल सकेगा। साथ ही आघात केंद्र ओपीडी व वॉर्ड की सुविधा भी मिल सकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी तीन से चार महीने में मरीजों को यह सुविधा मिल सके। दरअसल, अकेले लुटियन ही नहीं बल्कि दिल्ली के अन्य जिलों से भी आरएमएल के ट्रामा सेंटर तक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा दक्षिणी क्षेत्र के मरीज एम्स के ट्रामा सेंटर पहुंचते हैं। 
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वहीं पश्चिमी क्षेत्र के लिए दिल्ली सरकार का सिविल लाइन स्थित सुश्रुत ट्रामा सेंटर संचालित है। चूंकि, यहां सीमित संसाधनों के चलते अक्सर मरीजों को उपचार के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ट्रामा केयर शुरू होने से चिकित्सा सेवा में और राहत मिल सकेगी।
 

अप्रैल के तीसरे सप्ताह में मिलेगी ओपीडी

अस्पताल ने कई वर्षों से लंबित ओपीडी व आईपीडी ब्लॉक को बनाकर तैयार कर लिया है। साथ ही इसके उद्घाटन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को निमंत्रण भेजा है। नया ब्लॉक को जनता के लिए समर्पित करने के लिए 18 अप्रैल का दिन तय किया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि इस माह के तीसरे सप्ताह में मरीजों को अस्पताल में नई ओपीडी व आईपीडी की सुविधा मिल सकेगी। 

अस्पताल निदेशक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि नई इमारतों को बनाने का प्रस्ताव केंद्र द्वारा 2003 में लाया गया था, लेकिन इस प्रस्ताव को वर्ष 2009 में जाकर मंजूरी मिल सकी। इसके बाद दो साल के इंतजार के बाद 2011 में इसका निर्माण शुरू हुआ, लेकिन कुछ कारणों की वजह से  तीन साल तक काम ठप रहा। दिसंबर 2018 में फिर से काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ कारणों की वजह से काम रुक गया। इसके बाद कोरोना महामारी की वजह से भी काम पर प्रभाव पड़ा। हालांकि, पूरे प्रयास के बाद ब्लॉक को तैयार कर लिया गया है, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

आईपीडी ब्लॉक में मिलेगी 240 बेड की सुविधा
चार मंजिला इमारत के आईपीडी ब्लॉक में मरीजों को 240 बेड की सुविधा मिलेगी। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इन बेड पर ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे मुश्किल समय में मरीजों को अन्य वार्डों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता न हो। इसके अलावा 24 ऑपरेशन थियेटर भी शामिल रहेंगे। साथ ही आईसीयू के लिए 44 बेड की सुविधा का इंतजाम है। मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान के उद्देश्य से अस्पताल ने नई सीटी स्कैन मशीन को भी खरीदा है। 
 
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ओपीडी ब्लॉक में ही महिलाओं के लिए अलग सेवाएं

ओपीडी ब्लॉक में मेडिसिन व कार्डियोलॉजी समेत प्रसूती एवं स्त्री रोग विज्ञान की सुविधा मिल सकेगी। अभी वर्तमान में प्रत्येक दिन ओपीडी में करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। नए ओपीडी के बनने से पांच हजार मरीजों को लाभ मिलने का अनुमान है। 

जल्द मिलेगा सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक
अस्पताल के निदेशक के मुताबिक, आने वाले समय में परिसर में मेडिकल, सर्जिकल व गायनी को लेकर सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बच्चों के लिए एक हजार बिस्तरों वाले केयर यूनिट भी पाइपलाइन में है। वर्तमान में अस्पताल में यूजी हॉस्टल की कमी है। ऐसे में आने वाले समय में 1500 बिस्तरों के लिए बड़े हॉस्टल का निर्माण करने की भी योजना है। डॉक्टर व अन्य स्टाफ के लिए भी रहने की सुविधा होगी। 
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