अस्पताल ने कई वर्षों से लंबित ओपीडी व आईपीडी ब्लॉक को बनाकर तैयार कर लिया है। साथ ही इसके उद्घाटन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को निमंत्रण भेजा है। नया ब्लॉक को जनता के लिए समर्पित करने के लिए 18 अप्रैल का दिन तय किया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि इस माह के तीसरे सप्ताह में मरीजों को अस्पताल में नई ओपीडी व आईपीडी की सुविधा मिल सकेगी।
अस्पताल निदेशक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि नई इमारतों को बनाने का प्रस्ताव केंद्र द्वारा 2003 में लाया गया था, लेकिन इस प्रस्ताव को वर्ष 2009 में जाकर मंजूरी मिल सकी। इसके बाद दो साल के इंतजार के बाद 2011 में इसका निर्माण शुरू हुआ, लेकिन कुछ कारणों की वजह से तीन साल तक काम ठप रहा। दिसंबर 2018 में फिर से काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ कारणों की वजह से काम रुक गया। इसके बाद कोरोना महामारी की वजह से भी काम पर प्रभाव पड़ा। हालांकि, पूरे प्रयास के बाद ब्लॉक को तैयार कर लिया गया है, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आईपीडी ब्लॉक में मिलेगी 240 बेड की सुविधा
चार मंजिला इमारत के आईपीडी ब्लॉक में मरीजों को 240 बेड की सुविधा मिलेगी। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए इन बेड पर ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे मुश्किल समय में मरीजों को अन्य वार्डों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता न हो। इसके अलावा 24 ऑपरेशन थियेटर भी शामिल रहेंगे। साथ ही आईसीयू के लिए 44 बेड की सुविधा का इंतजाम है। मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान के उद्देश्य से अस्पताल ने नई सीटी स्कैन मशीन को भी खरीदा है।
ओपीडी ब्लॉक में मेडिसिन व कार्डियोलॉजी समेत प्रसूती एवं स्त्री रोग विज्ञान की सुविधा मिल सकेगी। अभी वर्तमान में प्रत्येक दिन ओपीडी में करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। नए ओपीडी के बनने से पांच हजार मरीजों को लाभ मिलने का अनुमान है।
जल्द मिलेगा सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक
अस्पताल के निदेशक के मुताबिक, आने वाले समय में परिसर में मेडिकल, सर्जिकल व गायनी को लेकर सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बच्चों के लिए एक हजार बिस्तरों वाले केयर यूनिट भी पाइपलाइन में है। वर्तमान में अस्पताल में यूजी हॉस्टल की कमी है। ऐसे में आने वाले समय में 1500 बिस्तरों के लिए बड़े हॉस्टल का निर्माण करने की भी योजना है। डॉक्टर व अन्य स्टाफ के लिए भी रहने की सुविधा होगी।