इसके बाद न्यायाधीश ने यह कहते हुए आरोपी और समूह की कंपनियों को 20 अक्तूबर से 30 नवंबर के बीच पांच तारीखों पर पेश होने के लिए समन भेजा कि एक ही तारीख पर इतने ज्यादा आरोपियों और उनके वकीलों की कोर्ट परिसर में मौजूदगी से कोरोना की गाइडलाइंस का पालन नहीं हो सकेगा।
फाइनल रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने 2017 से 2019 तक जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जनता के पैसे का दुरुपयोग जैसे अपराध किए हैं, जिससे यस बैंक को 466.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
ईडी थापर की कंपनी अवंता रिएलिटी, यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर और उनकी पत्नी के बीच कथित रूप से हुए एक लेनदेन की जांच कर रही है। राणा कपूर और उनकी पत्नी के खिलाफ ईडी पहले से ही प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जांच की जा रही है।