अग्निपथ योजना के विरोध में रेल सेवाएं प्रभावित होने का खामियाजा हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ट्रेनों के रद्द होने की वजह से सुबह से ही नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, सराय रोहिल्ला, निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली समेत दूसरे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही।
अग्निपथ योजना के खिलाफ देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सोमवार दोपहर बाद 3.30 बजे तक 208 मेल एक्सप्रेस और 379 पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गईं। इस दौरान चार मेल एक्सप्रेस और छह पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक तौर पर रद्द कर दिया गया। किसी भी ट्रेन के मार्ग को परिवर्तित नहीं किया गया। इस आंदोलन के कारण सोमवार को दिल्ली से आवागमन करने वाली कुल 597 रेलगाड़ियां प्रभावित हुई हैं। ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने से सैकड़ों यात्रियों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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ट्रेनें रद्द होने से रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी यात्रियों की भीड़
अग्निपथ योजना के विरोध में रेल सेवाएं प्रभावित होने का खामियाजा हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ट्रेनों के रद्द होने की वजह से सुबह से ही नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, सराय रोहिल्ला, निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली समेत दूसरे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। इस दौरान गंतव्य तक पहुंचने की जिन्हें जल्दबाजी थी, दूसरे ट्रेन का इंतजार करते दिखे।
शाम तक करीब छह सौ ट्रेनें प्रभावित हुईं, नतीजतन शाम तक यात्रियों की भीड़ रही। सुरक्षा के लिहाज से कर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी हालात से आसानी से निपटा जा सके। इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों के रद्द होने की वजह से रेलवे स्टेशनों के बाहर हर तरफ यात्रियों की भीड़ रही। इंतजार करते हुए थक जाने के बाद कुछ यात्री स्टेशनों से बाहर निकलकर अपने जरूरी काम के सिलसिले में भी आते जाते दिखे।
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इस दौरान अपने परिवार खास तौर पर बच्चों के साथ सफर के लिए रवाना होने वाले यात्री परेशान रहे। हालांकि रेलवे की तरफ से यात्रियों की सहूलियत के लिए समय समय पर उदघोषणा करने के साथ ही स्क्रीन पर रेलगाड़ियों के नंबर और रद्द की गईं ट्रेनों का ब्यौरा भी बार बार प्रदर्शित किया जा रहा था।