भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट विलेज भी बनाने जा रही है। इसके लिए दिशा-निर्देश तय कर लिए गए हैं। एक साल के अंदर 300 स्मार्ट विलेज बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह गांव बिजली, स्वच्छता, सिंचाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट समेत इंटरनेट जैसी सुविधाओं से लैस होंगे, जो एक आदर्श गांव कहलाएंगे।
उन्होंने कहा कि देश के गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए बिजली की पहुंच जरूरी है। इसके लिए भी सरकार तेजी से काम कर रही है। बिजली उत्पाद बढ़ाने के लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाएं हैं, जिससे देश के प्रत्येक गांवों में बिजली पहुंचाई जा सके।
2020 के अंत तक गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की ज्यादातर योजनाएं ग्रामीण परिवेश में रह रहे लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लाई जा रही हैं। देश की अर्थव्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी हो, इसलिए केंद्र सरकार गांव में रहने वाले लोगों की खरीद क्षमता को बढ़ाने के आम जनता के लिए योजनाएं लाई जा रही हैं।
फसल बीमा योजना लाने जा रही है सरकार
गृहमंत्री ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि देश का किसान लोन नहीं चुका पाने और फसल नष्ट होने पर आत्महत्या कर लेता है। इस समस्या से निपटने के लिए मोदी सरकार जल्द ही फसल बीमा योजना लाने जा रही है, जिसका देश का हर किसान स्वागत करेगा। इसे बेहद कम प्रीमियम पर लांच किया जाएगा। बीमित राशि का बाकी प्रीमियम का भुगतान सरकार करेगी।
इसके अलावा किसान क्रेडिट कॉर्ड (केसीसी) की सुविधा का लाभ प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से भी मिलेगा, ताकि किसानों को न्यूनतम ब्याजदर पर आसानी से रुपये मिल सके। जनधन योजना के तहत पहली बार 99 फीसदी परिवारों ने खाता खुलवा लिया है, जिसमें 27 हजार करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि सिंचाई योजना के तहत 2015-16 वित्तीय वर्ष में देश के 100 जिलों के प्रत्येक खेतों में पानी पहुंचाने का कार्य पूरा कर लेगी। सूखे और बाढ़ से निपटने के लिए नदियों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। गुजरात, मध्यप्रदेश और कर्नाटक में काम शुरू हो चुका है।
ऑर्गेनिक फॉर्मिंग के लिए तीन हजार करोड़ की व्यवस्था
इसके अलावा साइल टेस्ट के लिए इस वर्ष 101 मृदा परीक्षण लैब की स्वीकृति की गई है जबकि 79 लैब की शुरुआत हो चुकी है। इससे किसानों को अपनी भूमि की उर्वरक क्षमता की पहचान कर अधिक फसल उगाने में मदद मिलेगी। ऑर्गेनिक फॉर्मिंग के लिए तीन हजार करोड़ की व्यवस्था हो चुकी है। इसके लिए देशभर में 8000 क्लस्टर लगाए जा चुके हैं।
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद से किसानों की उपेक्षा हुई है। यही कारण है कि देश में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। अगर देश के 18 करोड़ किसान परिवार की ओर ध्यान दिया जाता तो भारत के समृद्धिशाली देश होता। पूर्व की अटल सरकार ने सबसे पहले गांव की तरक्की की बात की थी। अटल जी का कहना था कि गांव से शहरों की ओर पलायन नहीं होना चाहिए, इसलिए उन्होंने गांवों को सड़कों से जोड़ा। देश में हाईवे की अवधारणा उन्हीं की देन है।
भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के समापन समारोह में केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और उड्डयन मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसान, मजदूर, गरीब के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिन लोगों को सरकार का काम नहीं दिख रहा है उन्हें अपना चश्मा बदलने की जरूरत है। डॉ. शर्मा ने देशभर से आए किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद केंद्र सरकार ने जितनी तेजी से कार्य किए हैं, उनके परिणाम भी जल्द लोगों के सामने आएंगे।