दिल्ली के पश्चिम विहार वेस्ट में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर सात साल की बच्ची की मौत के बाद शुक्रवार को पुलिस हरकत में आई। दिनभर चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने चाइनीज मांझा बेचने व इस्तेमाल करने वाले 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सात लोग पतंगबाजी कर रहे थे, जबकि पांच लोग चाइनीज मांझा बेचने के आरोप में पकड़े गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200 पतंग और चाइनीज मांझे की 33 चरखियां बरामद की हैं। आला अधिकारियों ने सभी जिला पुलिस उपायुक्तों को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पुलिस लगातार कार्रवाई करती रहेगी। चाइनीज मांझा बेचना व इस्तेमाल करना गैरकानूनी है।
मांझे पर प्रतिबंध लगाने की मांग
दिल्ली पंचायत संघ ने मांझे से बच्ची की मौत पर शोक प्रकट किया। साथ ही, घटना के लिए शासन व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि हमने पहले भी इस विषय पर आवाज उठाई थी और चाइनीज मांझे पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। दिल्ली में दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पक्षियों को चाइनीज मांझा चपेट में लेता है। ऐसी दुर्घटनाओं के मद्देनजर पतंग महोत्सव का कोई अर्थ नहीं रह जाता।