पड़ोसियों ने बताया कि गर्वित तीन दिन पहले ही अपने घर आया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात को गर्वित के मोबाइल पर एक फोन आया था। फोन सुनने के बाद उसने परिवार वालों से कुछ नहीं कहा और बहादुरगढ़ के लिए निकल गया। परिवार वालों ने ही उसे आईएसबीटी तक छोड़ा। जानकारी के अनुसार गर्वित सुबह करीब पांच बजे बहादुरगढ़ पहुंचा और इसकी जानकारी परिवार वालों को दी। परिवार वाले भी यह सोचकर कि बेटा पहुंच गया है निश्चिंत हो गए। शनिवार सुबह करीब आठ बजे परिवार को फोन आया कि गर्वित और नंदिनी की बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई है।
नंदिनी के पिता भी पहुंचे थे गर्वित के घर
बताया जा रहा है कि सूचना के बाद नंदिनी के पिता व परिवार के अन्य सदस्य भी गर्वित के घर पहुंच गए थे। दोनों परिवारों के लोग एकसाथ ही बहादुरगढ़ के लिए निकले। बता दें कि नंदिनी कश्यप के पिता का नाम कमल कश्यप है और वह शांति विहार, विकासपुरम, रायपुर रोड तपोवन के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों परिवार नंदिनी और गर्वित के रिश्ते से खुश थे।