सरकार के इस फैसले से वर्कचार्ज कर्मचारियों में भी खुशी की लहर दौड़ गई थी। लेकिन जब कैबिनेट के फैसले का शासनादेश जारी करने का समय आया तो यह डर आ खड़ा हुआ कि न्यायालय के आदेश से अलग फैसला लागू करने से कहीं सरकार अवमानना में तो नहीं फंस जाएगी।
विभाग ने महाधिवक्ता से भी इस संबंध में रायशुमारी की, जिन्होंने कैबिनेट के निर्णय को लागू करने से पहले न्यायालय से अनुरोध करने की सलाह दी। न्याय विभाग और महाधिवक्ता की सलाह के बाद यह प्रस्ताव दोबारा कैबिनेट के सामने लाया गया, जिस पर सहमति जता दी गई।
तात्कालिक रूप से चाहिए
209.79 करोड़ लोनिवि और सिंचाई में पेंशन एरियर व ग्रेच्युटी के लिए
80.38 करोड़ रुपये लोनिवि के 1004 रिटायर्ड कर्मियों के लिए चाहिए
129.41 करोड़ रुपये सिंचाई के विभाग के 1764 रिटायर्ड कर्मियों के लिए चाहिए
हम उम्मीद कर रहे थे कि सरकार न्यायालय का फैसला लागू करेगी और तीन महीने में पेंशन लाभ व एरियर का भुगतान करेगी। लाभ मिलने में हो रही देरी से कर्मचारियों में निराशा है। सरकार से जल्द से जल्द भुगतान करे।
- बाबू खान, प्रदेश अध्यक्ष, लोनिवि, सिंचाई संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति