अगर समय का ध्यान नहीं रखा गया तो जीवन खतरे में पड़ सकता
एवरेस्ट जाने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर साथ ले जाना पड़ता है, इसलिए समय का ध्यान रखना जरूरी है। अगर समय का ध्यान नहीं रखा गया तो जीवन खतरे में पड़ सकता है। कहा कि आदमी ऊपर तो पहुंच जाता है, लेकिन उतरने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। जरा सी चूक खतरनाक हो सकती है।
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वर्ष 1997 में एनडीए और वर्ष 2000 में कमीशन पाने वाले विक्रांत ने कहा कि इसकी बेहद खुशी है कि उन्होंने पहले ही प्रयास में एवरेस्ट फतह किया। गांव पहुंचने पर गुजराड़ा विकास समिति ने भी विंग कमांडर का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान भाजपा नेता रविंद्र जुगरान, एमकेपी सोसायटी के सचिव जितेंद्र नेगी, विंग कमांडर विक्रांत के पिता एके उनियाल, माता उमा उनियाल, डॉ. आभा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।