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उत्तराखंड: आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पिथौरागढ़ में मलबे से 12 सड़कें बंद, नदियां उफान पर

Sat, 10 Jul 2021 04:32 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, चंपावत जैसे जिलों में शनिवार से लेकर सोमवार तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
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उत्तराखंड में बारिश - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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राजधानी देहरादून के अलावा पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, टिहरी जैसे जिलों में शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से सारे एहतियाती कदम उठाए जाने की जरूरत बताई है।

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नदियों, नालों के किनारे बसेे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की भी जरूरत है। भारी बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन के साथ ही कहीं-कहीं पहाड़ी इलाकों में नदियोें में तेज जलप्रवाह की पूरी संभावना है। 

जहां तक राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों का सवाल है तो मौसम विभाग की ओर से शनिवार को तेज गर्जना के साथ कई दौर की बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहेगा।
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12 घंटे बाधित रहा हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग 
कालसी में धमोग मंदिर के समीप बीती शुक्रवार रात्रि मलबा आने से हरिपुर कोटी मीनस मोटर मार्ग करीब 12 घंटे बाधित रहा। मार्ग पर दोपहर 2:30 बजे यातायात पूरी तरह से बहाल किया जा सका। जिस पर राहगीरों ने राहत की सांस ली। मार्ग बाधित होने से दोनों ओर कई वाहन फंसे रहे। उपरोक्त मार्ग जहां एक और जौनसार बावर क्षेत्र के दर्जनों गांव को जोड़ता है, वहीं दूसरी ओर यह मार्ग हिमाचल प्रदेश को जाने वाला अंतर राज्य मार्ग भी है।

उपरोक्त मार्ग पर दिन-रात जौनसार बाबर क्षेत्र के कोटी, क्वानू, अटाल, टयूनी आदि प्रमुख स्थानों सहित दर्जनों गांवों को जाने का मार्ग है। इसके अतिरिक्त यह मार्ग त्यूनी से आगे जाकर हिमाचल में मिल जाता है। इस कारण मार्ग के कुछ समय तब भी बंद होने पर स्थानीय यातायात सहित अंतर्राज्यीय यातायात भी बाधित हो जाता है। लोक निर्माण विभाग साहिया डिवीजन के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि वर्षा के चलते भारी मलबा मार्ग पर आ गया था। मलबा हटाकर यातायात बहाल करा दिया गया है।

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पिथौरागढ़ में मलबे से 12 सड़कें बंद, नदियां उफान पर

सीमांत जिले पिथौरागढ़ में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण आठ ग्रामीण और चीन सीमा को जोड़ने वाली चार सड़कें बंद हैं। सड़कों के बंद होने से लोग परेशान हैं। नदियां भी उफान पर हैं। इससे नदी किनारे रह रहे लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है। 

सीमांत जिले के धारचूला में सर्वाधिक 29.80 मिमी बारिश हुई। डीडीहाट में 29.5, गंगोलीहाट में 20, बेड़ीनाग में 19.5 और मुनस्यारी में 15.4 मिमी बारिश हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली छेड़ा-कुमयाचौड़, बांस-आंवलाघाट, कुसेरी बैंड-सिलौनी, स्यांकुरी-धामीगांव, छिरकिला-जम्कू, गलाती-रमतोली, सोसा-सिर्खा, तवाघाट-थानीधार सड़कें बंद हैं।

चीन सीमा को जोड़ने वाली घट्टाबगड़-लिपुलेख, पिथौरागढ़-तवाघाट, तवाघाट-सोबला, सोबला-दर तिदांग सड़क पिछले कई दिनों से बंद हैं। इस कारण चीन सीमा से संपर्क कटा हुआ है। भारी बारिश के कारण काली नदी 888.20 मीटर पर बह रही है। इसके खतरे का निशान 890.00 मीटर है। सरयू नदी 446.40 पर बह रही है। इसके खतरे का निशान 453.00 मीटर है।
 
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